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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड लाया गया शहीद चंद्र सिंह का पार्थिव शरीर

By Gaurav KalaEdited By:
Published: Sun, 27 Nov 2016 04:25 PM (IST)Updated: Mon, 28 Nov 2016 07:00 AM (IST)

जम्‍मू एंड कश्‍मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए पिथौरागढ़ के वीर जवान चंद्र सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास लाया गया। जहां उन्‍हें श्रद्धांजलि दी गई।

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पिथौरागढ़, [जेएनएन]: जम्मू कश्मीर सीमा पर आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए सेना के जवान चंद्र सिंह का पार्थिव शरीर पिथौरागढ़ लाया गया। सेना क्षेत्र में शहीद को श्रद्धांजलि दी गई। बाद में शहीद के शव को वाहन से पैतृक गांव पाली मसूरी भेज दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि कुमाऊं स्काउट में तैनात लांसनायक चंद्र सिंह उर्फ चंचल इन दिनों 13 राष्ट्रीय राइफल (आरआर) में जम्मू कश्मीर के बागीपुरा जिले के नटकई में तैनात थे। सीमा पर हुए आतंकियों से मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराने के बाद आतंकियों की गोली चंद्र सिंह को लगी और वह देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए।

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पिथौरागढ़ में उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने वालों में केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा, उत्तराखंड के श्रम मंत्री हरीश दुर्गापाल, विधायक मयूख महर, जिप अध्यक्ष प्रकाश जोशी, ब्रिगेडियर राजेश मनोचा, कर्नल शिव राना सहित अन्य लोग थे।

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18 साल की उम्र में हुए थे सेना में भर्ती
38 वर्षीय चंद्र सिंह 20 वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुए थे। छह माह पूर्व तक अपने जिले में धारचूला में तैनात थे। इसके बाद उनकी तैनाती 13 राष्ट्रीय रायफल में पाकिस्तान सीमा पर हुई।

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शहीद की दो पुत्रियां नेहा कार्की (9 वर्ष) और निशा कार्की (6 वर्ष) हैं। शहीद की पत्नी चंद्रकला देवी बच्चों को पढ़ाने के लिए हल्द्वानी में किराये का मकान लेकर रहती हैं। शहीद के पिता हर सिंह का 22 वर्ष पहले निधन हो चुका है। पिता की जगह पर शहीद के बड़े भाई भगत सिंह कार्की बुलंदशहर (उप्र) में सिंचाई विभाग में नौकरी करते हैं।

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