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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोटद्वार में फटा बादल, पुलिया बही; काश्त की भूमि हुई तबाह

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sun, 13 Aug 2017 02:36 PM (IST)Updated: Sun, 13 Aug 2017 07:52 PM (IST)

कोटद्वार तहसील के आमसौड़ जमरगड्डी में देर रात फटा बादल फट गया। हालांकि, इससे जनहानि नहीं हुई है, जबकि कई खेत तबाह हो गए।

कोटद्वार में फटा बादल, पुलिया बही; काश्त की भूमि हुई तबाह
कोटद्वार में फटा बादल, पुलिया बही; काश्त की भूमि हुई तबाह

कोटद्वार (पौड़ी), [जेएनएन]: कोटद्वार तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामसभा जमरगड्डी तल्ली के जमरगड्डी गदेरे में बादल फटने से तीन गांवों को अन्य क्षेत्रों से जोडऩे वाली दो पुलिया बह गई। सौभाग्य ही कहा जाए कि बादल फटने के कारण क्षेत्र के गांवों में कोई नुकसान नहीं हुआ। 

घटना बीती रात करीब नौ बजे की है। क्षेत्र में शनिवार शाम से ही रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही थी। ग्रामीणों की माने तो बीती रात करीब नौ बजे तेज कड़कड़ाहट के साथ बादल गरजे और ग्राम धरियालसार के समीप जमरगड्डी गदेरे में बादल फट गया। देखते ही देखते जमरगड्डी गदेरे का जलस्तर काफी ऊंचा हो गया और गदेरे के तेज बहाव में बड़े बोल्डर व किनारे खड़े बड़े पेड़ बहने लगे। सौभाग्य ही कहा जाए कि गदेरे के आसपास कोई गांव नहीं था अन्यथा भारी तबाही तय थी।

गदेरा धरियालसार व जमरगड्डी गांव के मध्य से होकर गुजरता है। ग्राम प्रधान अनीता देवी ने बताया कि गांव गदेरे के काफी ऊंचाई पर हैं, इस कारण न तो गांव को कोई नुकसान पहुंचा और न ही खेत कटे। इतना अवश्य है कि यदि बादल गदेरे के बजाय आसपास कहीं फटता तो धरियालसार, नेगणी, सुनारगांव, जमरगड्डी तल्ली, जमरगड्डी मल्ली, गाजा आदि गांवों में भारी तबाही मचती। 

उन्होंने यह भी बताया कि गदेरे का तेज उफान दो पुलियाओं को भी बहा ले गया, जिससे जमरगड्डी, धरियालसार व नेगणी गांवों का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। बताया कि ग्रामीण स्व प्रयासों से गदेरे से होकर ही गांव के लिए रास्ता बनाने में जुटे हुए हैं। 

 

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