यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरक सिंह रावत ने कैबिनेट के फैसले को हाई कोर्ट में दी चुनौती
पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड कैबिनेट की सीबीआइ जांच को वापस लेने की अधिसूचना को हाइकोर्ट में चुनौती दी है।

नैनीताल, [जेएनएन]: पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने राज्य कैबिनेट द्वारा स्टिंग प्रकरण में मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ चल रही सीबीआइ जांच को वापस लेने की अधिसूचना को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
कांग्रेस के नौ विधायकों के बगावत के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत की कथित रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त करते एक स्टिंग सामने आया था। राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्यपाल की सिफारिश के बाद सीबीआइ ने इस मामले की जांच शुरू कर दी थी।
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10 मई को फ्लोर टेस्ट में पास होने के बाद पुन: अस्तित्व में आई हरीश रावत सरकार ने 15 मई को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई और सीएम के खिलाफ सीबीआइ जांच खत्म करने की अधिसूचना जारी कर दी। उस बैठक में सीएम मौजूद नहीं थे।
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बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने की थी। इसके साथ ही इस प्रकरण की जांच के लिए एसआइटी का गठन कर दिया गया। हालांकि सीबीआइ ने जांच समाप्त करने से इन्कार कर दिया। सीबीआइ जांच समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से भी हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। कल 19 जुलाई को डॉ. हरक सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
