विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिमालयी जड़ी-बूटियों को संरक्षित करेगा पतंजलि: बालकृष्ण

By gaurav kalaEdited By:
Published: Mon, 29 Aug 2016 07:10 PM (IST)Updated: Mon, 29 Aug 2016 07:14 PM (IST)

बाबा रामदेव के निकट सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि योग पीठ हिमालय की जड़ी-बूटियों का संरक्षण और संवर्धन करेगा।

News Article Hero Image

हरिद्वार, [जेएनएन]: पतंजलि योग पीठ हिमालय की जड़ी-बूटियों का संरक्षण और संवर्धन करेगा। बाबा रामदेव के निकट सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि देश में किसानों को भी जड़ी-बूटी उत्पादन के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
पिछले दिनों वैदिक गुरुकुलम एवं पतंजलि आयुर्वेदिक कालेज के छात्रों के साथ पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र के भ्रमण से लौटे आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भ्रमण के दौरान औषधीय पौधों के बारे में जानकारी जुटायी गई।

पढ़ें: आचार्य बालकृष्ण का जन्मोत्सव जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में उपलब्ध जड़ी-बूटियों का किस प्रकार संरक्षण एवं संवर्धन किया जाए इस पर मंथन किया जा रहा है। पतंजलि योगपीठ की ओर से देश के अन्य इलाकों में भी हिमालय में मिलने वाले औषधीय पौधों के उत्पादन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इन जड़ी बुटियों में सर्पगंध, इलायची, अश्वगंध, मैथी आदि शामिल हैं।

पढ़ें:-संजीवनी बूटी के सरकारी शोध पर आचार्य बालकृष्ण ने उठाए सवाल

पढ़ें: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाना लक्ष्य: आचार्य बालकृष्ण