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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून नारी निकेतन में रह रही बांग्‍लादेश की दो संवासिनियां अपने घर रवाना

By gaurav kalaEdited By:
Published: Sat, 22 Oct 2016 04:28 PM (IST)Updated: Sun, 23 Oct 2016 06:05 AM (IST)

देहरादून स्थित बीजापुर हाउस में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नारी निकेतन की दो संवासिनियों को उनके घर के लिए रवाना किया।

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देहरादून, [जेएनएन]: देहरादून स्थित बीजापुर हाउस में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नारी निकेतन की दो संवासिनियों को उनके घर के लिए रवाना किया। साथ ही खुशी जाहिर की।
बांग्लादेश की रूपा व लाभौनी को उनके घर के लिए रवाना करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि 'दो बेटियों को अपने घर और उनके परिवारजनों के पास भेजते हुए बहुत खुशी हो रही है। पहले भी कुछ बेटियों को उनके घर भेजा गया था। इसके लिए समाज कल्याण विभाग व नारी निकेतन के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैं।'
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि हमारा नारी निकेतन देश में मॉडल नारी निकेतन के तौर पर विकसित हो रहा है। यहां रह रही संवासिनियों के रहन-सहन, उपचार आदि पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इनमें जो भी कमियां पाई गई थीं, उनको दूर करते हुए काफी सुधार किया गया है।

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नारी निकेतन में रहने वाली संवासिनियों को नर्सिंग, केटरिंग, होटल मेनेजमेंट व अन्य स्किल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि सभी कुछ न कुछ आय अर्जित कर सकें। हमारा नारी निकेतन वृक्ष की छाया की भांति संवासिनियों को सहारा दे रहा है। अपने घर जा रही लाभौनी व रूपा की खुशी देखते ही बनती थी।

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इससे पूर्व लाभौनी ने कहा, 'बहुत समय बाद अपने परविारजनों से मिल पाउंगी। मुझे बहुत ज्यादा खुशी हो रही है। मैं अपने सीएम साहब को धन्यवाद देती हूं जिन्होंने हमारा हौंसला बढ़ाया। नारी निकेतन के अधिकारियों व स्टाफ ने भी हमारा बहुत ध्यान रखा।'
कुछ ऐसे ही विचार रूपा ने भी प्रकट किए। इस अवसर पर सचिव डा. भूपिंदर कौर औलख, अपर सचिव मनोज चंद्रन सहित अन्य अधिकारी व नारी निकेतन की कुछ अन्य संवासिनियां मौजूद थीं।

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