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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संदेश देते हुए एसएसबी की साइकिल यात्रा नैनीताल रवाना

By sunil negiEdited By:
Published: Fri, 21 Oct 2016 12:27 PM (IST)Updated: Sat, 22 Oct 2016 07:00 AM (IST)

"स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" की थीम पर नाभिढांग से निकली सीमा सुरक्षा बल की साइकिल यात्रा का कोसी घाटी में भव्य स्वागत हुआ।

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गरमपानी (अल्मोड़ा),[जेएनएन]: "स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत व बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" की थीम पर नाभिढांग से निकली सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की साइकिल यात्रा का कोसी घाटी में भव्य स्वागत हुआ। दो दिन रानीखेत में विश्राम के बाद शुक्रवार को साइकिल यात्रा गरमपानी होते हुए नैनीताल को रवाना हुई।

यात्रा 12 अक्टूबर को नाभिढांग से रवाना हुई। सीमा सुरक्षा बल की 40 सदस्यीय साइकिल यात्रा बुधवार को गरमपानी पहुंची, जहां सदस्यों का पारंपरिक अंदाज में भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में 32 पुरुष और आठ महिलाएं शामिल हैं। यात्रा अभी तक 530 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है, जबकि 1006 किलोमीटर का सफर तय किया जाना है।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे कमांडेंट राजेश ठाकुर के अनुसार यात्रा में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, पंजाब, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों के सदस्य शामिल है। साइकिल यात्रा आज घोड़ाखाल सैनिक स्कूल पहुंचने के बाद नैनीताल को रवाना होगी। उसके बाद यात्रा हल्द्वानी में रात्रि विश्राम करेगी।

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यात्रा में मुक्तेश्वर की बेटी भी ले रही है हिस्सा
एसएसबी की साइकिल यात्रा में मुक्तेश्वर (नैनीताल) की बेटी भी हिस्सा ले रही है। मुक्तेश्वर के सतखोल गांव की रहने वाली 18 वर्षीय पूनम राणा अगस्त 2016 में नैनीताल मानसून मैराथन की विजेता भी रह चुकी है। एसएसबी के कमांडेंट राजेश ठाकुर के अनुसार पूनम को एसएसबी ओलंपिक के लिए तैयार कर रही है। सेना से सेवानिवृत ध्यान सिंह की बेटी पूनम कहती है कि भारत की बेटियों में क्षमता की कमी नहीं है। एसएससबी उन्हें मौका दे रही है। इस मौके का इस्तेमाल कर देश का नाम रोशन करना चाहती है। पूनम के एक भाई सेना में है, जबकि एक भाई पढ़ाई कर रहा है, जबकि माता कुंती देवी हाउस वाइफ हैं।

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