यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राम जन्मभूमि मामले में संघ नहीं करेगा मध्यस्थता
आरएसएस के पश्चिमी यूपी क्षेत्र के सामाजिक समरसता प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल ने कहा कि राम जन्मभूमि मामले में आरएसएस किसी तरह की मध्यस्थता नहीं करेगा।

देहरादून, [जेएनएन]: राम जन्मभूमि मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी तरह की मध्यस्थता नहीं करेगा। यह बात आरएसएस के पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सामाजिक समरसता प्रमुख एवं उत्तराखंड के पूर्व प्रांत कार्यवाह लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल ने कही।
रविवार को देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि यदि कोई यह सोचता है कि राम जन्म भूमि मामला संघ, भाजपा या विहिप का उठाया हुआ है तो वह गलत है। यह मामला धर्माचार्यों ने उठाया है और वह जैसा ठीक समझेंगे करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस मामले को सहमति से हल करने के सुझाव का उन्होंने स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि यह आस्था से जुड़ा सवाल है और दोनों पक्ष कोर्ट के बाहर इसे आपसी बातचीत से सुलझा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने कोयंबटूर में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल में घटती हिंदू जनसंख्या, बढ़ती हिंसक घटनाओं व राज्य सरकार द्वारा मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक में प्रस्ताव पारित कर तुष्टिकरण नीति व कट्टरपंथी हिंसा के खिलाफ जनजागरण का निर्णय लिया गया।
प्रतिनिधि सभा ने केंद्र सरकार से भी आग्रह किया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर ठोस कार्रवाई अमल में लाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में संघ और समविचारी संगठनों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि सभा ने इस पर चिंता जताते हुए 25 अप्रैल को सभी जिला केंद्रों पर धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
एक सवाल पर जायसवाल ने कहा कि संघ के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। गत वर्ष सात दिवसीय प्राथमिक शिक्षा वर्ग में एक लाख युवाओं ने भाग लिया। 20 दिवसीय प्रथम वर्ष प्रशिक्षण वर्ग में 17500, द्वितीय वर्ष प्रशिक्षण वर्ग में 4130 और तृतीय वर्ष प्रशिक्षण शिविर में 973 स्वयंसेवकों ने शिरकत की। पत्रकार वार्ता में प्रांत प्रचार प्रमुख किसलय कुमार भी मौजूद रहे।
