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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्यमंत्री रावत का पलटवार, बागियों के साथ केंद्र सरकार को लपेटा

By BhanuEdited By:
Published: Mon, 21 Mar 2016 04:51 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 22 Mar 2016 08:00 AM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विश्वासमत हासिल करने का दावा करते हुए केंद्र सरकार और कांग्रेस के बागी नेताओं पर जोरदार ...और पढ़ें

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देहरादून। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विश्वासमत हासिल करने का दावा करते हुए केंद्र सरकार और कांग्रेस के बागी नेताओं पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र की महाबली सरकार ने ही उत्तराखंड में अस्थिर सियासी हालत पैदा किए हैं। कांग्रेस के विधायकों को प्रलोभन देकर तोड़ा गया। कांग्रेस के जो बागी नेता उन पर आरोप लगा रहे हैं वह इस मामले में जल्द ही उन नेताओं का कच्चा चिट्ठा सार्वजनिक करेंगे।
देहरादून में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री हरीश रावत के तेवर तल्ख ही नहीं दिखे, बल्कि सियासी कूटनीति भी उनके जवाबों में खूब दिखाई दी। उन्होंने बागी विधायकों के आरोपों का जवाब सिलसिलेवार अपना बचाव करते हुए दिया।
उन्होंने कहा कि खनन को लेकर मुझ पर आरोप लगाए, जबकि वस्तुस्थिति यह है कि उनसे पहले मुख्यमंत्री रहे विजय बहुगुणा के समय में सैकड़ों खनन के पट्टे नियम कानूनों को ताक पर रखकर जारी किए गए।
मुझ पर भूमाफिया होने का आरोप लगाया जा रहा है। जो बागी विधायक यह आरोप लगा रहे हैं उनके समेत भाजपा के नेताओं ने किस तरह सरकारी जमीनों को हासिल किया है, उसकी जल्द ही पूरी सूची जारी करेंगे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें ठंडा करके खाने की आदत है और स्वभाव भी उनका ठंडा है। इसलिए किसी पर आक्षेप लगाने के मामले में उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य के विकास को ध्यान में रखते हुए भूमि का आवंटन किया गया। नैनीसार में स्कूल खोलने के लिए भूमि दी गई और भविष्य में भी विकास कार्यों के लिए सरकारी भूमि को देने की प्रक्रिया जारी रहेगी। देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के मसले पर उन्होंने कहा कि उन पर चाय बगान की जमीन को लेकर अनर्गल आरोप लग रहे हैं, जबकि भाजपा भी देहरादून में स्मार्ट सिटी बनाने के पक्ष में है।
उन्होंने केंद्र की सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चंद रोज पहले जो बागी कांग्रेस छोड़कर भाजपा के हिमायती बने हैं, वे जमीनों की खुर्दबुर्द में किस तरह शामिल हैं, यह सभी जानते हैं। ऐसे में उन पर भू माफिया, खनन माफिया व शराब माफिया से मिलीभगत होने के आरोप पूरी तरह निराधार है। जनता भाजपा को इस कृत्य का अवश्य जवाब देगी।

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