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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में 95 फीसद मतदाता कम से कम एक बार दे चुके हैं वोट

By BhanuEdited By:
Published: Wed, 21 Sep 2016 11:28 AM (IST)Updated: Wed, 21 Sep 2016 11:37 AM (IST)

उत्तराखंड में 95 फीसद मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक हुए चुनावों में कम से कम एक बार वोट जरूर ...और पढ़ें

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देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड में 95 फीसद मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक हुए चुनावों में कम से कम एक बार वोट जरूर दिया है। 49 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान को अपना अधिकार, 20 फीसद ने इसे कर्तव्य व 17 प्रतिशत ने मतदान को देश में दिशा देने में मदद करने की बात सोच कर मतदान किया है।
यह बात मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से कराए गए एक सर्वेक्षण में सामने आई है। इस सर्वेक्षण में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के तीस परिवारों को चुना गया था। इनसे बातचीत के आधार पर यह सर्वेक्षण तैयार किया गया है।

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यह जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया कि सर्वेक्षण के अनुसार 94 फीसद मतदाता ऐसे हैं जिन्हें मतदान हेतु न्यूनतम आयु 18 वर्ष होने की जानकारी तो है, लेकिन पंजीकरण के लिए अर्हकारी तिथि व मतदाता दिवस की जानकारी नहीं थी।

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उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण में 83 फीसद मतदाताओं को इस बात का विश्वास है कि भारत में मतदान स्वतंत्र रूप से होता है। अधिकांश मतदाताओं ने बताया कि उन्हें निर्वाचन के संबंध में प्रमुख सूचनाएं टीवी तथा विज्ञापनों से प्राप्त होती हैं। इसके लिए इंटरनेट का प्रयोग करने वाले मतदाताओं की संख्या खासी कम है।

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चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए सुझाव देते हुए मतदाताओं ने वृद्ध, विकलांग व रोगियों के लिए विशेष व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से संबंधित जानकारी 100 व 108 टोल फ्री नंबरों पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है।

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मतदाताओं का यह भी मानना है कि चुनाव परिणाम घोषित करते हुए नतीजे मतदेय स्थलवार न घोषित किए जाएं, इससे मतदान की गोपनीयता और मजबूत होगी।
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