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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महिलाओं ने उठाया जंगली जानवरों से खेती बचाने का बीड़ा

By gaurav kalaEdited By:
Published: Thu, 03 Nov 2016 01:34 PM (IST)Updated: Fri, 04 Nov 2016 06:01 AM (IST)

अल्‍मोड़ा में जल, जंगल और जमीन व महिला सशक्तीकरण के मुद्दों पर संघर्षरत महिला एकता परिषद ने अब बंदरों व ...और पढ़ें

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द्वाराहाट, [जेएनएन]: अल्मोड़ा में जल, जंगल और जमीन व महिला सशक्तीकरण के मुद्दों पर संघर्षरत महिला एकता परिषद ने अब बंदरों व जंगली सुअरों से खेतीबाड़ी को बचाने का बीड़ा उठा लिया है। परिषद ने इसके लिए सघर्ष का एलान करते हुए इसे चुनावी मुद्दा बनाकर पदयात्राए निकालने का भी निर्णय लिया।
महिला एकता परिषद कार्यकारणी की बैठक में जंगली जानवरों से खेती को हो रहे नुकसान पर चर्चा की गई। तय हुआ कि सगठन के दो दशक पूरे होने पर सभी कार्यों की समीक्षा कर इसकी पत्रिका प्रकाशित कर गांव-गांव में वितरित की जाएगी।

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इसके लिए 20 नवबर को शीतला पुष्कर मैदान पर गोष्ठी भी रखी गई है। कार्यकारणी के सदस्यों ने बंदरों व जगली सूअरों द्वारा पहाड़ की खेती को चौपट कर दिए जाने पर सरकारों की अनदेखी पर रोष जताया।

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तय हुआ कि इस समस्या को आगामी विधानसभा चुनावों में मुख्य मुद्दा बनाने के लिए गावों में पदयात्राएं करेगा, इस समस्या से निजात दिलाने का लिखित आश्वासन देने वाले प्रत्याशी को वोट देने की अपील करेगा।

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