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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रानीखेत में धू-धू कर जला भावी मिनी कॉर्बेट, लाखों का नुकसान

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sun, 19 Feb 2017 10:21 AM (IST)Updated: Mon, 20 Feb 2017 07:00 AM (IST)

अल्‍मोड़ा के रानीखेत में फायर सीजन के पहले ही चरण में जैव विविधता से लवरेज दलमोठी का मिश्रित वन क्षेत्र आग की लपटों की चपेट में आ गया।

रानीखेत में धू-धू कर जला भावी मिनी कॉर्बेट, लाखों का नुकसान
रानीखेत में धू-धू कर जला भावी मिनी कॉर्बेट, लाखों का नुकसान

रानीखेत, [जेएनएन]: वन विभाग की लापरवाही कहें या सैर सपाटे पर निकले लोगों की संवेदनहीनता। फायर सीजन के पहले ही चरण में जैव विविधता से लवरेज दलमोठी का मिश्रित वन क्षेत्र आग की लपटों की चपेट में आ गया। वर्ष 2015 तक वनाग्नि से अछूता यह जंगल बीते साल भी खाक हो गया था। इसके बावजूद विभाग ने सबक नहीं लिया था।

पहाड़ में वन क्षेत्रों को अबकी आग से बचाए रखने के लिए फोर डेस्क सिस्टम गठित करने के बावजूद जंगलों की हिफाजत चुनौती साबित हो रही है। पर्यटक नगरी के एतिहासिक गोल्फ ग्राउंड से सटा भावी मिनी कॉर्बेट यानी दलमोठी का वन क्षेत्र बीती रात्रि आग की चपेट में आ गया। सूत्रों के अनुसार सैर सपाटे के बहाने निकले युवकों ने जलती सिगरेट फेंक दी। नतीजा सूखे पिरूल ने हवा के झोंके में चिंगारी भड़काने का काम कर दिया।

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देखते ही देखते विकराल आग की लपटों ने मिश्रित वन क्षेत्र का बड़ा क्षेत्रफल चपेट में ले लिया। वनाग्नि के बेकाबू होने से बड़ी संख्या में वन्य जीवों को क्षति होने की आशंका है। वहीं गुलदारों का आस-पास की आबादी में घुसपैठ का खतरा भी बढ़ गया है। रेंज अधिकारी यूसी पांडे ने रात में ही टीम भेजी लेकिन तब तक आग लाखों की वन संपदा खाक कर चुकी थी। रेंजर के अनुसार दोबारा वन क्षेत्र में आग न भड़के, पैनी नजर रखी जा रही है। राहगीरों के साथ ही घूमने निकले लोगों पर भी कड़ी निगाह रखी जाएगी।

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