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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्यमंत्री समेत पांच ने ली विधान परिषद की सदस्यता की शपथ

By amal chowdhuryEdited By:
Published: Mon, 18 Sep 2017 11:26 AM (IST)Updated: Mon, 18 Sep 2017 07:53 PM (IST)

शपथग्रहण समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री समेत पांच ने ली विधान परिषद की सदस्यता की शपथ
मुख्यमंत्री समेत पांच ने ली विधान परिषद की सदस्यता की शपथ

लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत मंत्रि परिषद के पांच सदस्यों ने सोमवार को विधान परिषद की सदस्यता की शपथ ली। विधानभवन के तिलक हॉल में आयोजित शपथग्रहण समारोह में विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने उन्हें उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलायी।
पृर्वाह्न 11 बजे शुरू हुए समारोह में सबसे पहले मुख्यमंत्री, फिर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह और आखिर में वक्फ एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने शपथ ग्रहण की। समारोह में विधान सभा अध्यक्ष ह्दय नारायण दीक्षित सहित कई मंंत्री मौजूद रहे। विधान परिषद के वे पूर्व सदस्य भी उपस्थित रहे जिनकी छोड़ी गई सीटों पर मुख्यमंत्री व उनके सहयोगी उच्च सदन के सदस्य निर्वाचित हुए।

शपथ लेने में हड़बड़ाये मोहसिन राज्य मंत्री मोहसिन रजा शपथ लेते समय हड़बड़ा गए। झोंक में वह विधान परिषद को दो बार विधान सभा परिषद बोल गए। इस पर मंच पर बैठे संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने उन्हें टोका। तीसरी बार में ही वह शपथ को सही उच्चारित कर सके। उनके पास ही बैठे केशव प्रसाद मौर्य ने चुटकी ली और मुस्कुराते हुए कहा कि पहले ट्रेनिंग ले लीजिए।

पूरी हुई संवैधानिक औपचारिकता विधान परिषद की सदस्यता की शपथ लेने के साथ ही मुख्यमंत्री और उनकी मंत्रि परिषद के चार सहयोगियों ने वह संवैधानिक बाध्यता पूरी कर ली जिसके तहत मंत्रि परिषद के सदस्यों का, छह महीने के अंदर विधानमंडल का सदस्य बनना जरूरी है। योगी व केशव ने

जहां लोकसभा सदस्य रहते हुए क्रमश: मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, वहीं डॉ.दिनेश शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह और मोहसिन रजा अभी तक विधायिका के किसी सदन के सदस्य नहीं थे। योगी सरकार का शपथग्रहण समारोह 19 मार्च को हुआ था और उसके छह महीने मंगलवार को पूरे हो रहे हैं।

जुलाई 2022 तक होगा योगी और केशव का कार्यकाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के पूर्व सदस्य यशवंत सिंह और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुक्कल नवाब की ओर से छोड़ी गई सीट से नामांकन किया था। दोनों सीटों का कार्यकाल छह जुलाई 2022 तक है। लिहाजा योगी और केशव वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद तक उच्च सदन के सदस्य बने रहेंगे। वहीं उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने सपा के पूर्व सदस्य अशोक बाजपेयी और स्वतंत्र देव ने डॉ.सरोजिनी अग्रवाल की छोड़ी हुई सीट से पर्चा भरा था। इन दोनों सीटों का कार्यकाल 30 जनवरी 2021 तक है। मोहसिन रजा ने बसपा के पूर्व सदस्य जयवीर सिंह की खाली सीट से नामांकन किया था जिसका कार्यकाल पांच मई 2018 तक है।

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