विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदले समीकरणः आगरा सम्मेलन के लिए अखिलेश ने दिया मुलायम को न्योता

By Nawal MishraEdited By:
Published: Thu, 28 Sep 2017 08:17 PM (IST)Updated: Sat, 30 Sep 2017 08:46 AM (IST)

समाजवादी पार्टी के दसवें राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने अपने पिता मुलायम सिंह से मुलाकात की और सम्मेलन के लिए न्योता दिया।

बदले समीकरणः आगरा सम्मेलन के लिए अखिलेश ने दिया मुलायम को न्योता
बदले समीकरणः आगरा सम्मेलन के लिए अखिलेश ने दिया मुलायम को न्योता

लखनऊ (जेएनएन)। आगरा में पांच अक्टूबर को होने जा रहे समाजवादी पार्टी के दसवें राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को सपा के संस्थापक व अपने पिता मुलायम सिंह यादव से करीब तीन महीने बाद मुलाकात की। अखिलेश ने मुलायम को सम्मेलन के लिए न्यौता दिया। सम्मेलन में 25 राज्यों के 15 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा है। इसकी पृष्ठभूमि में 2019 के लोकसभा की चुनावी तैयारी के साथ खुद को पूरी तरह स्थापित करने का अखिलेश का लक्ष्य भी है। दरअसल, सम्मेलन के पहले ही एक बार फिर कुनबे की लड़ाई शुरू हो गई है। अभी विधानसभा चुनाव के पहले वाली कलह की तरह इसे हवा नहीं मिली है लेकिन, समीकरण बनने लगे हैं।

यह भी पढ़ें: सीमा पर सनसनीः भारत-नेपाल सीमा पर मिला तलवारों का जखीरा

अखिलेश अपने पक्ष में बड़ी लकीर खींचने की कोशिश में हैं। वह सम्मेलन में जाने के लिए मुलायम को मनाने गए थे। अखिलेश करीब 40 मिनट तक पिता के पास रहे। इस मुलाकात से दोनों की नजदीकी पर मुहर भी लगी है। चंद रोज पहले मुलायम के बारे में यह चर्चा तेज हो गई थी कि वह शिवपाल को लेकर नई पार्टी बनाने जा रहे हैं लेकिन, मंगलवार की पत्रकार वार्ता में उन्होंने ऐसे कयासों पर विराम लगा दिया। यही वजह रही कि बुधवार को मुलायम और शिवपाल के करीबी कहे जाने वाले पूर्व मंत्री शारदा प्रताप शुक्ल ने मुलायम की भूमिका पर सवाल उठा दिए। शिवपाल ने भी भले चुप्पी साध रखी है लेकिन, वह अंदरखाने अपनी नई पारी की भूमिका तैयार कर रहे हैं। ऐसे में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अभी तक यह बात हो रही थी कि मुलायम इस सम्मेलन में नहीं जाएंगे लेकिन, गुजरे तीन दिनों में जिस तरह मुलायम का अपने पुत्र के प्रति आशीर्वादखुलकर सामने आया, उससे लगने लगा है कि मुलायम सम्मेलन में जा सकते हैं। वैसे भी मुलायम कह चुके हैं कि वह न तो अखिलेश या शिवपाल के नहीं बल्कि सपा के साथ हैं। 

यह भी पढ़ें: थिक वेब स्विच से 180 किमी रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें और कम होगा खतरा

फिर पांच वर्ष के लिए अध्यक्ष चुने जाएंगे अखिलेश 

सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी बताते हैं आगरा के तारघर के मैदान, सदर बाजार में प्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारी जोर शोर से चल रही है। असल में इस सम्मेलन में नये संविधान के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर पांच वर्ष के लिए चुनाव होना है। विधानसभा चुनाव से पहले सपा का अध्यक्ष बनने के बाद अखिलेश ने केवल तीन माह का समय मांगा था। पर, वह सपा अध्यक्ष की कुर्सी पर अभी तक बने हैं। सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अखिलेश अब मुलायम सिंह यादव के लिए अध्यक्ष पद छोड़ देंगे। सपा के ही एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सम्मेलन में तो सिर्फ औपचारिकता होनी है। हर कार्यकर्ता यही चाहता है कि अखिलेश ही दोबारा अध्यक्ष चुने जाएं। 

यह भी पढ़ें:आगरा में सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन की जानकारी नहीं : शिवपाल 

अखिलेश ही करेंगे उद्घाटन 

एक तरफ मुलायम सिंह यादव के सम्मेलन में पहुंचने के कयास लग रहे हैं तो दूसरी तरफ पार्टी ने कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है। पांच अक्टूबर को सुबह नौ बजे झंडारोहण के बाद अखिलेश यादव सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उसी दिन आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव पेश होगा जिस पर प्रतिनिधि सम्मेलन में चर्चा होगी। मौजूदा राजनीतिक स्थिति, केंद्र सरकार की नीतियों तथा राष्ट्र के समक्ष अन्य ज्वलंत समस्याओं पर विमर्श होगा। सम्मेलन में 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर भी विचार होगा। 

 

चार अक्टूबर को कार्यकारिणी की बैठक

सम्मेलन के पहले चार अक्टूबर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसके बाद पांच बजे अखिलेश प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। सम्मेलन में शामिल होने के लिए अखिलेश चार को सुबह ही लखनऊ से आगरा के लिए प्रस्थान करेंगे। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह उनके स्वागत की भी तैयारी की गई है। 

 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।