यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सोशल मीडिया की कसौटी पर योगी सरकार- 'मांगा था कट्टा..., मिल गई तोप '
योगी आदित्यनाथ के शपथग्रहण पर सोशल मीडिया भी इसी माहौल में रंगा नजर आया। समर्थक इसे औरंगजेब के बाद शिवाजी सरीखा शासन करार दे रहे थे।

लखनऊ (जेएनएन)। योगी आदित्यनाथ के शपथग्रहण पर सोशल मीडिया भी इसी माहौल में रंगा नजर आया। हिंदुत्व की विचारधारा के समर्थक इसे औरंगजेब के बाद शिवाजी सरीखा शासन की तरह देख रहे हैं। कुछ तबकों के लोग विरोध करने वाले हैं। विरोध की खिलाफत के लिए भी सोशल मीडिया पर एक समूह तैयार है। हालांकि 'मांगा था कट्टा..., मिल गई तोप।' जैसे कमेंट नई सरकार के प्रति काफी कुछ स्थिति सप्ष्ट कर देते हैं।
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही सोशल मीडिया पर बधाई, शुभकामनाओं और हौसला बढ़ाने वाले संदेशों में तेजी आ गई। प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा के बड़े नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों के औपचारिक शुभकामना संदेशों से इतर एक धारा उन अनौपचारिक बिंदास संदेशों की भी बह रही थी, जहां भावनाओं से लेकर भड़ास तक की खालिस अभिव्यक्ति थी। ऐसी ही एक पोस्ट में नीलेश पांडेय का ट्वीट था- 'यूपी की जनता ऐसा महसूस कर रही है, जैसे औरंगजेब के बाद शिवाजी का शासन आया हो।' गिरधर सिंह अपनी पोस्ट में कहते हैं- '...भले ही सात दिन लिए, पर योगी को मुख्यमंत्री बना कर दिल जीत लिया।' योगी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की खुशी प्रशांत कुमार गुप्ता ने कुछ यूं व्यक्त की- 'मांगा था कट्टा..., मिल गई तोप।'
शपथग्रहण समारोह में लहराते केसरिया झंडों की ओर इशारा करते हुए राहुल साहू का ट्वीट कहता है- 'आज यूपी वालों को सच में लग रहा होगा कि वे सीरिया से सीधे हिंदुस्तान में आ गए है। हालांकि योगी के सत्तारूढ़ होने पर सोशल मीडिया पर विरोध के स्वर भी मुखर है। नॉट माई सीएम के हैशटैग से अभिषेक कुमार कमेंट करते है- 'भाजपा ने बहुत बुरा किया..., विकास के नाम पर विष पकड़ा दिया।' यहीं पर धारा जहां योगी पर दर्ज मुकदमे गिना रही है, तो माजिद सवाल पूछ रहे है कि योगी सीएम बने तो क्या अब साध्वी प्राची राष्ट्रपति बनेंगी। इसके जवाब में मोनू द्विवेदी और अजय केडिया जहां बरनॉल को आउट ऑफ स्टॉक बताकर चुटकी ले रहे है तो वहीं शीतल सवाल पूछ रही है कि- 'योगी से पहले उदारवादी कहते थे कि मोदी के पास विकास कोई एजेंडा नहीं है और अब योगी को मोदी के विकास के एजेंडे के लिए खतरा बता रहे है।'
सन ग्लासेस वाला संन्यासी
बधाई या विरोध से इतर सोशल मीडिया पर एक ऐसा वर्ग भी है, जो लाइट मूड के साथ हर बात का मजा लेता है। इन्हीं में एक जासूस कुट्टी कहते है- 'वोटर विकास चाहते थे..., इसलिए हमने सन ग्लासेस वाला संन्यासी दिया।' ध्रुपाल सिंह भी ट्वीट कर चुटकी ले रहे है- 'मोदी जी ने तय किया था कि सीएम उसी को बनाएंगे जिसके पास बीवी की किचकिच न हो।' संजीव सिंह कहते है- 'जोगीरा सा रा रा रा..., होली पर यही बोले थे न..., बड़ी जल्दी पूरी हुई इच्छा।'
