विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानें रेल हादसों में क्या है यूपी का नंबर और कितने लोग गवां चुके हैं जान

By Ashish MishraEdited By:
Published: Wed, 28 Dec 2016 11:17 AM (IST)Updated: Wed, 28 Dec 2016 02:24 PM (IST)

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 में चार हजार से अधिक रेल हादसे यूपी में हुए हैं। जिसमें चार हजार जानें गई हैं।

News Article Hero Image

लखनऊ (जेेएनएन)। कानपुर देहात के निकट रुरा स्टेशन के पास आज सुबह 5.42 बजे अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस (12988) के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में पांच की मौत हो गई और 70 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं। इस स्टेशन से 30 किलोमीटर पहले पुखरायां स्टेशन पर 38 दिन पहले एक बड़ा रेल हादसा हुआ था। हादसे में 152 लोगों की मौत हो गई थी। हादसा तब हुआ था जब इंदौर से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। पिछले 15 सालों में प्रदेश भर में एक दर्जन से अधिक बड़े हादसे हुए हैं। इन हादसों में 417 लोगों को जाने गंवानी पड़ीं। इसके बावजूद सरकारों ने हादसे रोकने के लिए एक भी कड़ा कदम नहीं उठाया है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक रेल हादसों में प्रदेश दूसरे स्थान पर हैं। वहीं मध्य प्रदेश तीसरे नंबर है।

अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतरे, पांच की मौत; सत्तर घायल

जानकारी के मुताबिक इन हादसों में करीब 50 फीसदी हादसे ट्रेन डीरेल होने की वजह से हुई है। जिसमें इमरजेंसी ब्रेक, पटरियों का चिटकना जैसे कारण रहे हैं। वहीं मानव रहित क्रॉसिंग पर भी सैकड़ों जानें गईं। क्रासिंग पर भी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 में चार हजार से अधिक रेल हादसे यूपी में हुए हैं। जिसमें चार हजार जानें गई हैं। वहीं अगर एक साल का पूरे देश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 25 हजार लोगों की सांसे थम चुकी हैं।

कानपुर में अजमेर- सियालदाह एक्सप्रेस दुर्घटना की भयावह तस्वीरें

यूपी में बड़े रेल हादसे

28 दिसंबर 2016-सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे रूरा के पास पटरी से उतर गए। हादसे में पांच की मौत हो गई जबकि 60 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं।
21 नवंबर 2016: इंदौर से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस हादसे में 142 लोगों की मौत और 180 से ज्यादा घायल हो गए थे।
25 जुलाई 2016: वाराणसी के भदोही के पास रेलवे क्रॉसिंग पर एक स्कूल वैन को ट्रेन ने टक्कर में 10 बच्चों ने अपनी जान गंवाई।
20 मार्च 2015: देहरादून-वाराणसी एक्सप्रेस रायबरेली के बछरावां के पास पटरी से उतरने से करीब 32 लोगों की हुई थी मौत।

जानें रेल हादसों में क्या है यूपी का नंबर और कितने लोग गवां चुके हैं जान

1 अक्टूबर2014: लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस और कृषक एक्सप्रेस आपस में गोरखपुर में नंदानगर क्रॉसिंग भिड़ने से 14 की हुई थी मौत।
31 मई 2012: हावड़ा से देहरादून जा रही दून एक्सप्रेस के छह पहिए पटरी से उतर गए। तीन लोगों की जान चली गई।
20 मार्च 2012: लोगों से भरी हुए के एक गाड़ी हाथरस में एक रेलवे क्रॉसिंग पार करते एक ट्रेन के चपेट में आई थी, 15 लोग मरे थे।
10 जुलाई 2011: को फतेहपुर के पास कालका एक्सप्रेस डीरेल हुई थी। हादसे में 69 जानें गईं थी।
7 जुलाई 2011: एक यात्री बस एटा में रेलवे क्रॉसिंग पार करने के दौरान ट्रेन से टकड़ा गई, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई।

चालक ने कहा, इमरजेंसी ब्रेक न लगाता तो जा सकती थी सैकड़ों जानें
16 जनवरी 2010: फिरोजाबाद में टूंडला के पास कालिंदी एक्सप्रेस ने श्रम शक्ति को टक्कर मार दी थी, आधा दर्जन मौतें हुईं थीं।
1 नवंबर 2009: गोरखपुर से अयोध्या जा रही पैसेंजर ने चकरसूलपुर गांव के पास क्रॉसिंग पर ट्रक को टक्कर मारी थी, 14 लोगों मरे थे।
21 अक्टूबर 2009: गोवा एक्सप्रेस के इंजन ने मेवाड़ एक्सप्रेस के अंतिम बोगी को मथुरा के पास पीछे से ठोका था, 22 लोग मारे गए थे।
12 मई 2002: नई दिल्ली से पटना जाते वक्त श्रमजीवी एक्सप्रेस जौनपुर में बेपटरी हो गई थी। घटना में 12 लोगों की मौतें हुई थी।
4 जून 2002: कासगंज एक्सप्रेस में एक रेलवे क्रॉसिंग पर एक बस को टक्कर मार दी थी। हादसे में 34 लोगों की जानें गईं थी।