विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जियो और एयरटेल की इस मामले में फिर से शुरू हुई लड़ाई, जानें पूरा मामला

By Shilpa SrivastavaEdited By:
Published: Wed, 13 Sep 2017 04:05 PM (IST)

एयरटेल ने दावा किया था कि कम आईयूसी चार्ज के चलते पिछले 5 वर्षों में 6,800 करोड़ रुपये का नुकसान ...और पढ़ें

जियो और एयरटेल की इस मामले में फिर से शुरू हुई लड़ाई, जानें पूरा मामला
जियो और एयरटेल की इस मामले में फिर से शुरू हुई लड़ाई, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली (जेएनएन)। देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने रिलयांस जियो पर कॉल कनेक्शन शुल्क मामले को लेकर ट्राई को भ्रमित करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद जियो ने भारती एयरटेल के दावे को गलत ठहराया है। जियो ने कहा है कि कॉल कनेक्शन चार्ज से किसी तरह का नुकसान नहीं होता है। एयरटेल ये सब इंटरकनेक्शन उपयोक्ता शुल्क (आईयूसी) की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कर रहा है।

क्या है मामला?

दरअसल, एयरटेल ने दावा किया था कि कम आईयूसी चार्ज के चलते पिछले 5 वर्षों में 6,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। एयरटेल के इस दावे को जियो ने गलत और भ्रामक बताया है। इस संबंध में जियो ने ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा को पत्र भी लिखा है। जियो ने कहा है, “हम कहना चाहते हैं कि एयरटेल के सारे तर्क झूठे हैं, तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और भ्रामक प्रवृत्ति के हैं। हम प्राधिकरण से आग्रह करते हैं कि इस तरह के शरारतपूर्ण दावे के लिए एयरटेल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।”

मौजूदा समय में कॉल पर आईयूसी की दर 14 पैसे प्रति मिनट है जिसे दोगुना करने की बात की जा रही है। हालांकि, जियो 14 पैसे प्रति मिनट का चार्ज ही चाहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जियो ने ट्राई से कहा था कि मौजूदा दूरसंचार कंपनियों को आईयूसी से एक लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। आपको बता दें कि दूरसंचार कंपनियां, अन्य कंपनी के नेटवर्क से आने वाली कॉल पर आईयूसी लगाती हैं। हालांकि, आईयूसी को लेकर अभी ट्राई ने कुछ नहीं कहा है। 

यह भी पढ़ें:

वोडाफोन ने यूजर्स के लिए पेश किया इंटरनेशनल रोमिंग प्लान, जानें डिटेल्स

Apple iPhone X 3 नवंबर को देगा भारत में दस्तक, 89000 रुपये हो सकती है कीमत

जियोनी और एलजी के इन स्मार्टफोन्स की कीमत पर कंपनी ने की बड़ी कटौती