यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पासवर्ड हो चाहे जितना भी स्ट्रांग, इस तकनीक से हो सकता है हैक
आज तक आपने इस बारे में बहुत कुछ पढ़ा, सुना होगा कि आपको पासवर्ड कैसे बनाना चाहिए या पासवर्ड लम्बा ...और पढ़ें

आज तक आपने इस बारे में बहुत कुछ पढ़ा, सुना होगा कि आपको पासवर्ड कैसे बनाना चाहिए या पासवर्ड लम्बा व स्ट्रांग रखना चाहिए ताकि हैकर्स आपका पासवर्ड क्रैक न कर सकें,लेकिन हैकर्स के खतरे से बचने के लिए जरूरी है कि आपको उनका वह तरीका पता हो जिसे अपनाकर वह आपका स्ट्रांग से स्ट्रांग पासवर्ड हैक कर लेते है। तो चलिए बताते है उनकी कुछ ट्रिक्स जिन्हें अपनाकर वह आपका स्ट्रांग पासवर्ड भी आसानी से हैक कर लेते है।
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1.ब्रूट फोर्स अटैक से हर तरह का पासवर्ड होता है क्रैक
इस तकनीक से हैकर्स हर तरह के कॉम्बिनेशन का पासवर्ड हैक कर लेते है। यह पासवर्ड हैक करने की बेस्ट तकनीक है। इसमें पासव्ड को क्रैक करने के लिए हर तरह के कॉम्बिनेशन को ट्राई किया जाता है, लेकिन आजकल के बहुत स्ट्रांग पासवर्ड क्रैक करने में इससे थोड़ी परेशानी होती है।
2. फिशिंग करती है गुमराह
यह तकनीक यूजर को इतना गुमराह कर देती है कि वह खुद अपना पासवर्ड बता देता है। बस उनसे पासवर्ड पूछने का तरीका थोड़ा अलग होता है जैसे- यूजर्स से फेक ईमेल या फेक एप्स के द्वारा उनका पासवर्ड पूछा जाता है और बहुत से यूजर्स इस जाल में फंस भी जाते है।
3.सबसे ज्यादा यूज होता है डिक्शनरी अटैक का
यह तकनीक हैकर्स द्वारा सबसे ज्यादा यूज की जाती है। इस तकनीक में एक सिंपल फाइल कुछ असामान्य शब्दों के साथ होती है। अक्सर यूजर्स इन शब्दों को अपने पासवर्ड में प्रयोग करते है, इस अटैक से बचने का बस यही तरीका है कि आप बहुत ही स्ट्रांग और स्पेशल कैरेक्टर्स से लैस पासवर्ड बनाएं।
4.आपके सिस्टम को हैक किया जाता है ट्रोजन्स और वायरस से
हैकर्स अक्सर ऐसे प्रोग्राम बनाते है जिनसे आपकी मशीन और उसके नेटवर्क को हैक कर लिया जाए और फिर सारी जानकारी का इस्तेमाल गलत कामों के लिए किया जाता है। इन्हीं प्रोग्राम्स की तकनीक को ट्रोजन्स और वायरस अटैक कहा जाता है।
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5.पासवर्ड हैक करने का इलेक्ट्रोनिक तरीका है शोल्डर सर्फिंग
शोल्डर सर्फिंग में यूजर की प्राइवेट इनफॉर्मेशन को इलेक्ट्रोनिक तरीके से चुराया जाता है जैसे- आपका निजी आइडेंटिटीफिकेशन नंबर और एटीएम का पासवर्ड।
