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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

न्यूयार्क में हजारों की सभा को संबोधित करेंगे मोदी

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Published: Wed, 13 Aug 2014 11:35 AM (IST)Updated: Wed, 13 Aug 2014 08:39 PM (IST)

वाशिंगटन। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में होने वाली अपनी पहली अमेरिकी यात्रा के दौरान न्यूयार्क के स्क्वायर मेडिसन पर हजारों लोगों की एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे।

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वाशिंगटन। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में होने वाली अपनी पहली अमेरिकी यात्रा के दौरान न्यूयार्क के स्क्वायर मेडिसन पर हजारों लोगों की एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे।

नव गठित 'इंडियन अमेरिकन कम्युनिटी फ ाउंडेशन' के बैनर तले होने वाले समारोह में मोदी 28 सितंबर को न्यूयॉर्क सिटी में ऐतिहासिक मेडिसन स्क्वायर गार्डन से भारतीय मूल के लोगों के सामने बड़ा नीतिगत भाषण दे सकते हैं। मेडिसन स्क्वायर गार्डन की क्षमता 18 हजार से 20 हजार लोगों की है। इसके खचाखच भरे रहने की संभावना है। यह विदेश में किसी भारतीय प्रधानमंत्री या किसी भारतीय नेता द्वारा अब तक दिया गया सबसे बड़ा सार्वजनिक संबोधन होगा।

इस समारोह का सीधा प्रसारण वॉशिंगटन डीसी, शिकागो, ह्यूस्टन, बोस्टन, टांपा, लॉस एंजिलिस, सिलिकॉन वैली समेत अमेरिका के लगभग एक दर्जन शहरों में कराने पर बात चल रही है।

मोदी के भव्य स्वागत के लिए 300 से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने हाथ मिलाया है। स्वागत समारोह में कई अमेरिकी सांसदों के भी मौजूद रहने की संभावना है। जमीनी स्तर पर की जा रही तैयारियों का जायजा लेने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव इस सप्ताह वॉशिंगटन और न्यूयॉर्क में थे। उन्होंने सामुदायिक नेताओं के साथ कई बैठकें कीं। असैन्य परमाणु समझौते के बाद ये पहला मौका है, जब इतनी संख्या में भारतीय-अमेरिकी संगठन एक मंच पर साथ आए हैं।

इस बीच, भारतीय-अमेरिकियों ने व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर एक ऑनलाइन अभियान शुरू कर प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित करने के लिए व्हाइट हाउस को बधाई दी है।

काबिल प्रशासक हैं मोदी : रिपोर्ट

अमेरिकी कांग्रेस की एक नई रिपोर्ट में भारतीय प्रधानमंत्री को काबिल प्रशासक माना गया है। रिपोर्ट के लेखक और कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस में दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ एलन क्रांसटेड के मुताबिक, मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी के शासन में गुजरात में 15 सालों में प्रभावी आर्थिक वृद्धि देखी गई।

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