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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब क्राइम ब्रांच के प्रभारी पर दुराचार का आरोप

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Published: Thu, 05 Dec 2013 12:53 AM (IST)Updated: Thu, 05 Dec 2013 01:11 AM (IST)

अमेठी के मुसाफिरखाना सीओ के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप अभी खाकी पर दाग बनकर लगा ही था कि अब एक ...और पढ़ें

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गोंडा, जागरण कार्यालय। अमेठी के मुसाफिरखाना सीओ के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप अभी खाकी पर दाग बनकर लगा ही था कि अब एक और पुलिस अधिकारी के खिलाफ दुराचार मामले ने इसे और गाढ़ा कर दिया है। एक युवती ने क्राइम ब्रांच के प्रभारी जवाहर सिंह समेत पांच लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। क्राइम ब्रांच के प्रभारी ने उसके साथ कुकृत्य तब किया था, जब वह तरबगंज थानाध्यक्ष था।

पीड़िता ने राज्य महिला आयोग व पुलिस महानिरीक्षक से गुहार लगाकर कार्रवाई की मांग की है। परसपुर थाना क्षेत्र के मोहना गांव निवासी युवती ने आयोग को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया है कि उसके पिता और तीन भाई कत्ल के मुकदमे में जेल में बंद थे। फरवरी 2013 में मामले की पैरवी के लिए वह पिता के एक संबंधी के साथ कचहरी आई, जहां थानाध्यक्ष तरबगंज से मुलाकात हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि केस हल्का कर देंगे, वह उनके आवास पर आकर मिले। आवास पर थानाध्यक्ष समेत पांच लोग बैठे थे। युवती का आरोप है कि वहां उसके साथ दुराचार किया गया। उसने एसपी के पास जाने की बात कही तो उसे भी जेल में सड़ा देने की धमकी दी गई। पुलिस अधिकारी उससे लगातार दुराचार करता रहा।

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अपने ऊपर लगे आरोप के बाबत क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर जवाहर सिंह का कहना है कि उसे महिला किसी साजिश के तहत फंसा रही है। वह उसे न जानते हैं, न पहचानते हैं। उधर पुलिस अधीक्षक आरपीएस यादव ने प्रकरण के बारे में जानकारी होने से इन्कार किया है।

कैमरे के सामने पीड़िता से लंबी पूछताछ

अमेठी, जागरण संवाददाता। सीओ विपुल कुमार श्रीवास्तव पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली किशोरी से मंगलवार को जांच अधिकारी एएसपी मुन्नालाल ने महिला थाने पर एसओ रेखा सिंह की उपस्थिति में देर शाम तक कैमरे के सामने लंबी पूछताछ की। एक-दो दिन में किशोरी को बयान दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने उपस्थित किया जा सकता है। बुधवार को एएसपी के शहर से बाहर जाने के कारण पीड़ित किशोरी को धारा 164 के बयान के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया जा सका।

इधर सीओ विपुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है, जिसमें विभागीय लोग भी शामिल हैं। सीओ ने जागरण से फोन पर बातचीत में कहा कि आरोप लगाने वाली किशोरी के गांव के ही एक दबंग को उन्होंने एससी/एसटी एक्ट में कार्रवाई करते हुए जेल भेजा था। इसके अलावा अन्य कई रसूखदारों के मामलों में भी उन्होंने सख्त कार्रवाई की थी। तहरीर में घटना का जो समय दिया गया है, उस समय मैं परिवार के साथ था। जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

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