यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
देह धंधे में डाली गई युवती दुष्कर्म पीड़िता: हाई कोर्ट
नई दिल्ली। अगर किसी युवती को जबरन देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया है तो उसे दुष्कर्म पीड़िता माना ...और पढ़ें

नई दिल्ली। अगर किसी युवती को जबरन देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया है तो उसे दुष्कर्म पीड़िता माना जाता है। ऐसी युवती इस दौरान गर्भवती हो जाती है तो उसे उसकी इच्छा के बिना बच्चा पैदा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। यह टिप्पणी करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने गर्भपात की अनुमति मांगने वाली एचआइवी संक्रमित युवती को राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति सुनीता गुप्ता ने युवती की याचिका को मंजूर करते हुए डीडीयू अस्पताल को निर्देश दिया कि वह तीन दिन में युवती का गर्भपात कराए।
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नारी निकेतन में रहने वाली युवती का कहना था कि 2011 में उसे एक युवक बहला-फुसला कर दिल्ली ले आया और कोठे पर बेच दिया। पुलिस ने एक दिन छापा मारकर उसे मुक्त कराया। इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज किया गया। इसलिए मामले का निपटारा होने तक उसे नारी-निकेतन भेज दिया गया। यहां पर रहते हुए वह नए सिरे से जिंदगी जीने का प्रयास कर रही थी कि उसे पता चला कि वह 19 सप्ताह के गर्भ से है। उसने गर्भपात कराना चाहा, मगर नारी निकेतन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
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