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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किश्‍तवाड़ में राजनाथ के सामने तीन मुस्लिम नेता भाजपा में शामिल

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Wed, 19 Nov 2014 01:56 PM (IST)Updated: Wed, 19 Nov 2014 02:53 PM (IST)

जम्‍मू-कश्‍मीर विधानसभा चुनाव में घाटी में अपनी स्थिति मजबूत करने की लगातार कोशिश कर रही भाजपा को बड़ी सफलता मिली ...और पढ़ें

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में घाटी में अपनी स्थिति मजबूत करने की लगातार कोशिश कर रही भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। भाजपा के वरिष्ठ नेता व केद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने बुधवार को किश्तवाड़ के पद्दर में तीन मुस्लिम नेता पार्टी में शामिल हो गए।

राजनाथ सिंह ने किश्तवाड़ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छह साल में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस की सरकार ने राज्य का बंटाधार कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद में मोदी की सरकार बनने के बाद लोगों में भरोसा बना है। जम्मू-कश्मीर की तकदीर बदलने का माद्दा सिर्फ भाजपा में ही है।

भाजपा नेता ने कहा कि अलगाववादी ताकतें भी मुख्यधारा में आने को तत्पर हैं। सज्जाद लोन का समर्थन इसका सुबूत है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सैलाब आया तो राज्य सरकार ने हाथ खडे कर दिए। केंद ने राहत व पुनर्वास में पूरी ताकत लगाई और दो हजार करोड़ रुपये इस मद में दिए। मैं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिला और प्रधानमंत्री मोदी तुरंत पहुंचे। हमने कोई अहसान नहीं किया। यह लोगों का हक है। हम जम्मू-कश्मीर के आवाम की हर जरूरत को पूरा करेंगे।

राजनाथ ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने तो इंसानियत के नाते गुलाम कश्मीर में भी मदद की पेशकश की, लेकिन उन्होंने न सिर्फ मदद लेने से मना किया, बल्कि राहत की पेशकश के बदले सीमा पर गोलियां बरसाईं और गोले दागे। हमने फ्लैग दिखाना बंद किया और जवाब दिया तो वे यूएन में त्राहिमाम करने लगे।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर का अंतरराष्ट्रीयकरण करना चाहता है, लेकिन पहले अपने कब्जे वाले कश्मीर की हालत तो देखे। क्या वह पूरे कश्मीर को वैसा ही अराजक व अशांत बनाना चाहता है? हमारे कश्मीर में सबको आज़ादी है।

गृहमंत्री सिंह ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अनुच्छेद 370 पर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह विधानसभा चुनाव है, इसमें सुशासन व विकास पर चर्चा होनी चाहिए। 370 राष्ट्रीय मुद्दा है इस पर बहस होनी ही चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता का भारत से रिश्ता 370 का नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व अध्यात्मिक है।

राजनाथ ने कहा कि 89 से शरणार्थियों की ज़िंदगी गुज़ार रहे कश्मीरी पंडितों को उनका हक दिलाया जाएगा। हम उन्हें कश्मीर घाटी में बसाएंगे। साथ ही गुलाम कश्मीर से आए शरणार्थियों को भी समान हक देने के लिए राष्ट्रीय शरणार्थी पुनर्वास नीति बनाई जाएगी।

राजनाथ ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भय व वहशत से नहीं, दिलों में जगह बनाकर भरोसा कायम करना चाहती है। उन्होंने कहा कि 73वां संविधान संशोधन हुआ लेकिन पंचायत को अधिकार नहीं मिला है। श्रीनगर में सरपंचों की हत्या पर सरकार चुप रही। उन्होंने कहा कि एक साल के अंदर महंगाई पर काबू पा लेंगे।

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