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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चकमा दे कोर्ट से भागा आइएम आतंकी

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Published: Fri, 20 Sep 2013 06:02 PM (IST)Updated: Sat, 21 Sep 2013 03:19 AM (IST)

मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन [आइएम] का सदस्य अफजल उस्मानी शुक्रवार को मुंबई के सत्र न्यायालय की पांचवीं मंजिल से पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। वह 200

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मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन [आइएम] का सदस्य अफजल उस्मानी शुक्रवार को मुंबई के सत्र न्यायालय की पांचवीं मंजिल से पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। वह 2008 में 26 जुलाई को हुए अहमदाबाद धमाकों का आरोपी है, जिसमें करीब 56 लोग मारे गए थे। मामले में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का शक है। एक एएसआइ समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उसकी तलाश के लिए सघन अभियान शुरू किया गया है।

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अफजल को आइएम के 21 अन्य सदस्यों के साथ सुनवाई के लिए नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल से दक्षिण मुंबई स्थित मकोका कोर्ट लाया गया था। दोपहर बाद करीब 2.45 बजे वह सुरक्षाकर्मियों को गच्चा देकर कोर्ट से भाग निकला। जुलाई 2008 में उसी के द्वारा नवी मुंबई से चुराई गई कारों का इस्तेमाल अहमदाबाद सिविल अस्पताल में विस्फोटों के लिए किया गया था। उन विस्फोटों के करीब एक महीने बाद अफजल को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जनपद से गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद मुंबई और पुणे से आइएम के 21 और सदस्य गिरफ्तार किए गए थे और पुलिस आइएम का महाराष्ट्र माड्यूल लगभग ध्वस्त करने में सफल रही थी।

करीब तीन बजे अभियोजन पक्ष के विशेष अधिवक्ता राज ठाकरे ने विशेष मकोका अदालत के जज एएल पानसरे को अफजल की फरारी की सूचना दी। जज ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि उसकी फरारी कई और मामलों को प्रभावित कर सकती है।

अफजल को तीन माह पहले अहमदाबाद की साबरमती जेल से नवी मुंबई की तलोजा जेल लाया गया था। मकोका की विशेष अदालत में अफजल और उसके साथियों पर तय आरोपों पर शुक्रवार से बहस शुरू होनी थी। गेटवे ऑफ इंडिया के बिल्कुल नजदीक स्थित सत्र न्यायालय की पांचवीं मंजिल पर स्थित मकोका कोर्ट में गिने चुने आरोपियों को ही लाया जाता है। कोर्ट के बाहर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी पर्याप्त संख्या में रहती है। ऐसे में अफजल का भाग निकलना महाराष्ट्र पुलिस एवं जेल प्रशासन की अपराधियों से मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है।

कौन है अफजल उस्मानी ?

करीब 37 वर्षीय अफजल मुतालिब उस्मानी पहले मुंबई के शिवाजी नगर क्षेत्र में रहकर छोटे-मोटे अपराध करता था। मुंबई अंडरव‌र्ल्ड के संपर्क में आने के बाद 1996 में उस पर हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज हुआ था। मुंबई पुलिस के रिकॉर्ड में उसे एक शातिर कार चोर के रूप में जाना जाता था।

अहमदाबाद विस्फोट में इस्तेमाल नवी मुंबई की कारों के जरिये मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का ध्यान अफजल उस्मानी की ओर गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आइएम से उसके संबंधों का पता चला।

वह आइएम के संस्थापकों में से एक सादिक शेख के इशारों पर काम करता था। सन् 2011 में मुंबई के झवेरी बाजार, ऑपेरा हाउस एवं दादर में हुए तिहरे विस्फोटों के बाद पुलिस ने अफजल के बड़े भाई फैज उस्मानी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पुलिस हिरासत में ही फैज की मौत हो जाने पर अफजल के परिजनों ने पुलिस ज्यादती का आरोप लगाया था। फैज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।

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