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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महीनेभर में दस टिकट वाले फैसले पर रेल मंत्री की रोक

By kishor joshiEdited By:
Published: Tue, 16 Feb 2016 05:22 AM (IST)Updated: Tue, 16 Feb 2016 05:42 AM (IST)

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बरेली। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इंडियन रेलवे कैटरिग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के फैसले पर रोक लगा दी है। इससे यात्रियों को एक आईडी से पहले की तरह महीनेभर में दस टिकट मिलेंगे। रेल मंत्री ने यह फैसला छात्र-कारोबारियों के दर्द बयां करने के बाद लिया है।

आईआरसीटीसी ने एक मेल आइडी से एक महीने में दस के बजाय छह टिकट देने का फैसला लिया था, लेकिन रेल सफर करने वाले छात्र-कारोबारियों ने आईआरसीटीसी के फैसले का विरोध किया।

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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र मयंक गुप्ता समेत दर्जनभर छात्र-कारोबारियों ने परीक्षा एवं कारोबार के सिलसिले में कभी-कभी 10 से अधिक यात्रा करने की बात कही। बोले, कोई भी यात्री टिकट बुकिंग का रुपये जमा करता है।

अगर जरूरत नहीं होगी, तो बुकिंग क्यों कराएगा। मगर चंद दलालों के चक्कर में लाखों छात्र-कारोबारियों को दिक्कत हो जाएगी। छात्र-कारोबारियों की ट्विटर पर आने वाली शिकायतों को रेल मंत्री ने गंभीरता से लिया। इसीलिए 15 फरवरी से एक आईडी पर एक महीने में छह टिकट बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। रेल मंत्री ने रेलवे बोर्ड के कॉमर्शियल विभाग से रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

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यह था मकसद

आईआरसीटीसी का मकसद दलालों पर लगाम लगाना था। इसीलिए उसने एक आइडी से एक महीने में छह टिकट बुकिंग का फैसला लिया था। मगर छात्र परीक्षा, इंटरव्यू और कारोबारी कारोबार के सिलसिले में 10 से भी ज्यादा यात्राएं करते हैं। इसलिए फैसला छात्र-कारोबारियों को काफी दिक्कत भरा होगा।