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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुषमा के ट्वीट से जगी पाक की मशाल महेश्‍वरी को उम्मीद

By Kamal VermaEdited By:
Published: Mon, 30 May 2016 08:11 PM (IST)Updated: Mon, 30 May 2016 09:10 PM (IST)

मूल रूप से पाकिस्‍तान केे सिंध प्रांत की मशाल को विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने मदद का भरोसा दिलाया है। ...और पढ़ें

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जयपुर (नई दुनिया)। पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत आई मशाल माहेश्वरी की मेडिकल की पढ़ाई की इच्छा अब शायद पूरी हो जाएगी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर मशाल की सहायता करने का भरोसा दिलाया है।

मशाल का परिवार दो वर्ष पहले पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत आ गया था। अभी उन्हें यहां की नागरिकता नहीं मिल पाई है। यह परिवार जयपुर में रह रहा है। मशाल ने हाल में सीबीएसई की परीक्षा में 91 फीसद अंक हासिल किए हैं और वह मेडिकल की प्रवेश परीक्षा नीट में शामिल होना चाहती थी, लेकिन नियमों के कारण वह यह परीक्षा नहीं दे पाई। नीट में सिर्फ प्रवासी भारतीय या भारतीय ही शामिल हो सकते हैं। वैसे वह निजी मेडिकल कॉलेज में भी प्रवेश ले सकती है, लेकिन वहां एक से डेढ़ करोड़ रुपये तक डोनेशन मांगा जा रहा है।

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इस मामले में मशाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सहायता की अपील की थी। उसका मामला विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पास भी गया और उन्होंने हाल में ट्वीट किया कि मशाल चिंता मत करो, मैं व्यक्तिगत रूप से तुम्हारा मामला दिखवाऊंगी। मशाल को उम्मीद है कि अब उसकी परेशानी दूर हो जाएगी। मशाल की मां निर्मला माहेश्वरी ने बताया कि पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरता बहुत बढ़ गई है और वहां हमेशा यह डर लगा रहता था कि उन्हें धर्मातरण करना पड़ेगा। इसी को देखते हुए वे दो वर्ष पहले दीर्धावधि वीजा पर भारत आ गए थे। यहां उन्हें बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने में परेशानी आई, हालांकि बाद में सरकार ने इसकी अनुमति दे दी। वहीं अब बच्ची की मेडिकल की पढ़ाई कराना मुश्किल हो रहा है।

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