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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आम बजट में शामिल हो रेल बजट, प्रभु ने जेटली को लिखी चिट्ठी में की सिफारिश

By Lalit RaiEdited By:
Published: Fri, 15 Jul 2016 12:41 AM (IST)Updated: Fri, 15 Jul 2016 05:19 AM (IST)

रेल मंत्री ने नीति आयोग के सुझाव को स्वीकार करते हुए कहा कि अलग से रेल बजट पेश किये जाने की जरूरत नहीं है।

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नई दिल्ली, प्रेट्र । रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर रेल बजट को आम बजट में मिलाने की सिफारिश की है। इसमें प्रभु ने 92 साल से चली आ रही अलग रेल बजट की परंपरा को खत्म करने की वकालत की है। उन्होंने नीति आयोग के रेल बजट को आम बजट में मिलाने के सुझाव को स्वीकार कर लिया है। रेलवे मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी के मुताबिक, प्रभु ने यह चिट्ठी जून में लिखी गई थी। अभी तक वित्त मंत्रालय से इसका कोई जवाब नहीं आया है। नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय ने अलग से रेल बजट पेश करने के बजाय इसे खत्म कर आम बजट में शामिल करने की सिफारिश की थी। इसके बाद पिछले महीने इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने रेल मंत्रालय से जवाब मांगा था। अब मंत्रालय ने जवाब दे दिया है, तो सरकार की ओर से रेल बजट के विलय पर फैसला किया जाएगा।

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सूत्रों के अनुसार जेटली को भेजे गए इस पत्र में प्रभु ने कहा है कि अगर रेल बजट को आम बजट में शामिल कर लिया जाता है तो इससे समग्र राष्ट्रीय परिवहन नीति तैयार करने में मदद मिलेगी। यही नहीं, रेल बजट राजनीतिक दवाब से भी बचा रहेगा। रेल मंत्रालय की ओर से विलय प्रस्ताव पर सहमति के बाद अब इसकी संभावना प्रबल हो गई है कि अगले साल आम बजट रेल बजट के साथ ही आए। वर्ष 1924-25 के बाद से रेल बजट आम बजट से अलग पेश किया जाता रहा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या अगले वित्त वर्ष 2017-18 के लिए रेल बजट पेश किया जाएगा, उक्त अधिकारी ने कहा कि इस पर अभी फैसला लिया जाना है। फिलहाल रेलवे यात्री खंड में 34,000 करोड़ रुपये के भारी घाटे से जूझ रहा है। इसकी कमाई में गिरावट आ रही है। इसके अलावा रेलवे पर अपनी 458 अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 4,83,511 करोड़ रुपये के भारी बोझ से जूझ रहा है।