यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दुबई, शिकागो, लंदन की तर्ज पर तैयार होंगे मेट्रो स्टेशन
नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट पर स्टेशनों का निर्माण दुबई, शिकागो व लंदन में बने मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर किया ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट पर स्टेशनों का निर्माण दुबई, शिकागो व लंदन में बने मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर किया जाएगा। निर्माण के बाद इन स्टेशनों को (स्टेशन नेमिंग ऑफ स्टेशन ब्रांडिंग) एनएमआरसी के तहत नामचीन कंपनियों को सौंपने की योजना है। इससे नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) को प्रति वर्ष 100 करोड़ रुपये (एनएमआरसी) रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इस आशय का निर्णय सोमवार को नोएडा कार्यालय में एनएमआरसी व नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में लिया गया।
एनएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक बैठक में सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा तक जाने वाली मेट्रो रूट के लिए उस जमीन पर भी अंतिम सहमति बन गई, जिसे सिचाई विभाग से खरीदा जाना है। इस जमीन का भुगतान प्राधिकरण तत्काल करेगा, ताकि सिचाई विभाग से वह जमीन ली जा सके। उन मेट्रो लाइन पर भी चर्चा की गई, जहां से मेट्रो लाइन को गुजारा जाना है। इस बाबत आ रही सभी दिक्कतों को 15 फरवरी तक दूर करने के निर्देश दिए गए।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट में बाधक बनने वाली 400 केवीए की लाइन को ग्रिड से हटवाने या ऊंची करवाने के लिए मंजूरी लेने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) से भी बातचीत की जाएगी। अगली बैठक में रूट के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रत्येक बिंदु को मॉडर्न तकनीकी से तैयार करने की बात कही गई। अगली बैठक में दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) से आपरेशन को लेकर बातचीत करने पर भी सहमति बनी। उस बैठक में आटो फेयर कलेक्शन को लेकर भी बातचीत की जाएगी।
डीएमआरसी करेगी संचालन
एनएमआरसी के अधिकारियों की ओर से बैठक में फैसला किया गया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा पर चलने वाली मेट्रो रेल का संचालन डीएमआरसी की ओर से किया जाएगा। यह जिम्मेवारी डीएमआरसी को पांच वर्ष के लिए दी जाएगी। एनएमआरसी अभी इस क्षेत्र में पूरी तरह से नई है। जब तक कंपनी के पास मैनपावर व तकनीकी रूट से दक्ष लोगों की टीम नहीं उपलब्ध हो जाती है, तब तक डीएमआरसी ही इसका संचालन करेगी।
