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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीन वर्ष पहले समुद्र में समा गया था Sewol, निकाला तो भर आई आंखें

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sat, 25 Mar 2017 09:30 AM (IST)Updated: Sat, 25 Mar 2017 01:50 PM (IST)

तीन वर्ष पहले समुद्र की तलहटी में समा चुके 145 मीटर लंबे जहाज को जब निकाला गया तो एक बार ...और पढ़ें

तीन वर्ष पहले समुद्र में समा गया था Sewol, निकाला तो भर आई आंखें
तीन वर्ष पहले समुद्र में समा गया था Sewol, निकाला तो भर आई आंखें

जिंडो (दक्षिण कोरिया)। तीन साल पहले 16 अप्रैल 2014 को समुद्र की तलहटी में समाए एक जहाज 'सेवोल' को दक्षिण कोरिया ने फिर समुद्र की गहराई से निकाल लिया है। इस जहाज को समुद्र की सतह पर आने का नजारा देखने वालों में कई वो लोग थे जिनका कोई न कोई इस हादसे में मारा गया था। तीन वर्ष पूर्व हुए इस हादसे में करीब 300 लोगों की मौत हो गई थी,‍ जिसमें से अधिकतर स्‍कूली बच्‍चे थे। यह स्‍कूली बच्‍चे एक ट्रिप के लिए इस पर सवार हुए थे। फिलहाल, इस जहाज को अब समुद्र के तट पर लाने की कोशिश की जा रही है।

145 मीटर लंबे इस जहाज को समुद्री सतह पर लाने के लिए दो लार्ज बैराज का इस्‍तेमाल किया गया था। इस पर दो हैवीड्यूटी क्रेन मौजूद थीं। इन दोनों से ही बांधकर जहाज को ऊपर खींचा गया था। दक्षिण कोरिया के मंत्री ली शियोल जो ने इसको बड़ी कामयाबी बताया है।

उन्‍होंने बताया कि जहाज को सुबह करीब 4:10 बजे समुद्र की सतह पर लाया जा सका। माना जा रहा है कि इस तरह से पहली बार इतने बड़े किसी शिप को सिंगल पीस में समुद्र से निकाला गया है।

ली ने बताया कि इस शिप को पोर्ट तक ले जाने में अभी तीन से पांच दिन का समय और लगेगा। इसको दक्षिण तट के सबसे बड़े बंदरगाह मोक्‍पो ले जाया जाएगा जो यहां से करीब 87 किमी दूर है। वहां ले जाने के बाद इस जहाज की सघन जांच की जाएगी और इसके समुद्र में डूबने का सही कारण भी खोजा जाएगा। इस बीच इसमें मौजूद शवों को भी निकाला जाएगा। मोक्‍पो पहुंचने के बाद इसको एक प्रतिबंधित दायरे में रखा जाएगा, जहां इसकी जांच होगी। तीन वर्ष पहले हुआ सेवोल हादसा देश के प्रमुख बड़े हादसों में से एक रहा है।

तीन वर्ष पहले जब यह हादसा हुआ था उस वक्‍त इस हादसे के पीछे क्रू-मैंबर्स का कम अनुभव, जहाज पर क्षमता से अधिक वजन समेत कई वजहों को बताया गया था। लेकिन अब जबकि इस शिप को बाहर निकाल लिया गया है तो माना जा रहा है कि इसकी सही वजहें सामने आ सकेंगी।

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