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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब सोनिया ने दी दुर्गा को शक्ति

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Published: Sun, 04 Aug 2013 06:05 AM (IST)Updated: Sun, 04 Aug 2013 06:07 AM (IST)

उत्तर प्रदेश द्वारा निलंबित आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के मामले में शुरुआती झिझक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश द्वारा निलंबित आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के मामले में शुरुआती झिझक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद इस मामले में मैदान में उतर आई हैं। कथित तौर पर खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के कारण निलंबित हुई दुर्गा के मसले पर सोनिया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ईमानदार अधिकारी को प्रताड़ित न किया जाए।

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सोनिया की चिट्ठी पर तुरंत ही समाजवादी पार्टी ने तीखा पलटवार कर सीधे उनके दामाद राबर्ट वाड्रा के मामले को उछाल दिया। घटना के एक हफ्ते बाद सोनिया की चिट्ठी पर भाजपा ने भी हैरत जताई है।

मस्जिद की दीवार गिराने का आरोप लगाकर निलंबित की गई गौतमबुद्ध नगर की एसडीएम के मामले में कांग्रेस एक दिन पहले तक बेहद सतर्क बयानबाजी कर रही थी। मामला मस्जिद की दीवार से जोड़ा गया था, लिहाजा कांग्रेस दुर्गा का समर्थन करने के बावजूद पहले साफ कर रही थी कि वह मनमाने तरीके से मस्जिद की दीवार गिराए जाने के विरोध में है।

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पूरे देश में इस मामले पर अखिलेश सरकार के खिलाफ नाराजगी को भांपते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखकर उनसे पूछा है कि क्या इस मामले में केंद्र सरकार कुछ कर सकती है? कांग्रेस अध्यक्षा ने चिट्ठी में लिखा है, 'यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस अधिकारी के साथ नाइंसाफी न हो। प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसा माहौल दिया जाना चाहिए, जिसमें वे बिना भय के काम कर सकें।'

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सोनिया की इस चिट्ठी के बाद अब कांग्रेस नेता भी मुखर हो गए हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी से लेकर प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह तक ने सपा सरकार के खिलाफ जोरदार हमला बोला है। उनका दावा है कि पहले ही दिन से कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया था।

समाजवादी पार्टी ने पीएम को लिखी इस चिट्ठी पर सोनिया पर ही तीखा पलटवार किया। सपा महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा कि सोनिया जी को दो चिट्ठियां और लिखनी चाहिए। हरियाणा में सोनिया जी के दामाद राबर्ट वाड्रा के फंसने के बाद आइएएस अधिकारी खेमका का स्थानांतरण कर दिया गया था।

इसी तरह राजस्थान के मुख्यमंत्री ने दो आइएएस अधिकारियों को निलंबित किया था। वह भी जमीन के मामले थे और वहां भी उनके दामाद फंस रहे थे। इसलिए उनको पीएम को दो चिट्ठियां और लिखनी चाहिए ताकि दोनों मामलों में भी न्याय मिल सके।'

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने सोनिया की चिट्ठी को आंखों में धूल झोंकने वाला बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो उनके प्रवक्ता मस्जिद की अवैध दीवार गिराए जाने का विरोध करते हैं, वहीं अब जनता का गुस्सा देखकर चिट्ठी लिखने का नाटक किया जा रहा है। कांग्रेस की सरकार है और उन्हीं के प्रधानमंत्री, लिहाजा चिट्ठी का नाटक बंद करना चाहिए।

किसने, क्या कहा

'ऐसा माना जा रहा है कि गलत तरीके से दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन किया गया है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके साथ नाइंसाफी न हो।'

- सोनिया गांधी

'वह राबर्ट वाड्रा की संपत्ति पर कार्रवाई करने वाले हरियाणा और राजस्थान के आइएएस अधिकारियों की प्रताड़ना पर पीएम को दो चिट्ठियां और लिखें।'

-नरेश अग्रवाल, सपा महासचिव

'पीएम को पत्र लिखकर सोनिया गांधी औपचारिकता निभा रही हैं। सपा के समर्थन से उनकी सरकार चल रही है। अगर वे (कांग्रेस-सपा) चाहें तो मसले का समाधान निकल सकता है।' - शाहनवाज हुसैन, भाजपा प्रवक्ता

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