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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दादरी,पंजाब अौर फरीदाबाद की घटनाअों पर गृहमंत्री राजनाथ सख्त

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Thu, 22 Oct 2015 02:49 AM (IST)Updated: Thu, 22 Oct 2015 07:43 AM (IST)

दादरी, पंजाब और फरीदाबाद की घटनाओं की निंदा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने आम जनता से सामाजिक और धार्मिक सौहार्द ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दादरी, पंजाब और फरीदाबाद की घटनाओं की निंदा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने आम जनता से सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने धर्म या संप्रदाय के नाम पर राजनीति को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि किसी के साथ आस्था, जाति या पंथ के नाम पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। बाद में बीएसएफ के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने शहीद जवानों की याद में हर तीन या पांच पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी।

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गृहमंत्री ने कहा कि वह दशहरा से एक दिन पहले सभी नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे यह याद रखें कि भारत अकेला ऐसा देश है जिसने 'वसुधैव कुटुम्बकम' यानी सारा विश्र्व एक परिवार है का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें जाति, पंथ, धर्म के आधार पर असहिष्णुता की शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए। दादरी, पंजाब और फरीदाबाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इन घटनाओं से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने और शांति तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है।

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बाद में शाम को राजनाथ सिंह ने बीएसएफ के स्वर्ण जयंती समारोह में शहीद जवानों के परिवार वालों को सम्मानित किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह विज्ञान भवन के बंद हाल में नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में आम जनता के बीच होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अ‌र्द्धसैनिक बल और सेना के जवानों की शहादत को सम्मान देने का कार्यक्रम हर तीन या पांच साल पर आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने बीएसएफ की स्थापना की स्वर्ण जयंती के अवसर विशेष डाक टिकट भी जारी किया।

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