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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नए साल में रेल यात्रियों पर गिरेगी गाज, बढ़ सकता है किराया

By anand rajEdited By:
Published: Sun, 14 Dec 2014 01:36 PM (IST)Updated: Sun, 14 Dec 2014 01:54 PM (IST)

नए साल में रेल यात्रियों को झटका लग सकता है। जी हां, अगले साल के शुरू में रेल यात्रा और ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। नए साल में रेल यात्रियों को झटका लग सकता है। जी हां, अगले साल के शुरू में रेल यात्रा और महंगी हो सकती है। माना जा रहा है कि फरवरी में पेश होने वाले रेल बजट में ऊर्जा की बढ़ती लागत का बोझ यात्रियों पर डालने के लिए रेल किरायों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया जा सकता है।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईंधन समायोजन से संबंधित किराया संशोधन दिसंबर में होना है, जिसे फरवरी में बजट में प्रभावी किया जा सकता है। अधिकारी ने कहा कि हाल के महीनों में ऊर्जा की लागत चार प्रतिशत से अधिक बढ़ी है।

रेलवे की घोषित नीति के अनुसार ईंधन और ऊर्जा की लागत से संबंधित यात्री किराये और मालभाड़े में साल में दो बार संशोधन किया जाना है। अंतिम बार संशोधन जून में किया गया था। उस समय यात्री किरायों में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी।

हाल में किरायों में बढ़ोतरी का संकेत देते हुए रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने एक कार्यक्रम में कहा था, कुछ बोझ तो लोगों को उठाना होगा। रेलवे के बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए किरायों में बढ़ोतरी की संभावना के बारे में पूछे जाने पर प्रभु ने इसकी संभावना से इनकार नहीं किया था। सुधार समर्थक माने जाने वाले प्रभु ने कहा था, किरायों में बढ़ोतरी से पहले यात्री सेवाओं में सुधार किया जाना चाहिए। सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। भारी निवेश की जरूरत है। इसका कुछ बोझ तो लोगों को उठाना होगा।

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