यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रेलवे की कायाकल्प के लिए चाहिए 100 अरब डॉलर
रेलवे की कायापलट के लिए अगले तीन से चार साल में 100 अरब डॉलर (6,150 अरब रुपये) से अधिक के ...और पढ़ें

नई दिल्ली। रेलवे की कायापलट के लिए अगले तीन से चार साल में 100 अरब डॉलर (6,150 अरब रुपये) से अधिक के निवेश की जरूरत है। सरकार इसमें विदेश से निवेश आकर्षित करने सहित एक योजना पर काम कर रही है। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रभु ने कहा कि अगले तीन से चार साल में तमाम स्रोतों से निवेश जुटाने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें विदेश में भारतीय मिशनों का सहयोग भी रहेगा। इसे प्राप्त करने के लिए वित्त मंत्रालय तथा समूची सरकारी मशीनरी के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। यात्री रेल सेवाओं में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार के पास इतना धन नहीं है जितना इसके लिए चाहिए। अमेरिका से तुलना करें तो रेलवे का परिचालन अनुपात बेहद कम है। रेलवे में निवेश के लिए हमारे पास शायद ही कुछ धन बचता है। बदलाव के कदमों के तहत उन्होंने खरीद के अधिकार रेलवे में महाप्रबंधकों को दिए हैं। इसके अलावा इस संबंध में महाप्रबंधकों के फैसलों के कार्यान्वयन पर निगरानी के लिए एक सदस्यीय समिति बनाई है। वह रेलवे का कायापलट करने के लिए बेहतर संचालन को प्रोत्साहित करेंगे।
