यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
महबूबा मुफ्ती का राजनीतिक सफरनामा
1996 से सत्ता के गलियारों में प्रवेश पाने वाली महबूबा ने आज जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री का पद संभाला है... डालते हैं एक नजर इनके राजनीति सफरनामे पर

नई दिल्ली। महबूबा मुफ्ती सईद भारत की प्रतिभावान महिला राजनेताओं में से एक हैं। अभी वह जम्मू कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष हैं। मुफ्ती मोहम्मद सईद के आकस्मिक निधन के बाद जम्मू कश्मीर में राज्यपाल का शासन रहा और अब महबूबा को राज्य के मुख्यमंत्री का दर्जा मिला है। महबूबा मुफ्ती राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
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भाजपा के साथ सरकार का गठन कर चुकी महबूबा की आगे की राह चुनौतियों से भरी होगी साथ ही इस वक्त राज्य में अलगाववादी काबिज हैं।
22 मई, 1959 को कश्मीर के बिजबिहाड़ा (अनंतनाग) में जन्म लेने वाली महबूबा कश्मीरी सईद परिवार की हैं। वे हमेशा से मेधावी रहीं। स्कूल में टॉपर होने के साथ उन्होंने कश्मीर विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की है। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी महबूबा पहली बार उस समय चर्चा में आई थीं, जब उनकी छोटी बहन रुबिया सईद का अपहरण कर लिया गया था। उस वक्त वीपी सिंह की सरकार थी और मुफ्ती सईद गृह मंत्री थे। रुबिया के बदले में पांच खूंखार आतंकियों को रिहा किया गया था। इस दौरान महबूबा मीडिया में साक्षात्कार देती रहीं और काफी प्रसिद्ध हुई। इस वक्त तक वह राजनीति में सक्रिय नहीं थी।
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उन्होंने 1996 में कांग्रेस की टिकट पर बिजबिहाड़ा (अनंतनाग) से विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 1999 में पीडीपी का गठन हुआ और उन्होंने 2002 में एक बार फिर अपनी पार्टी की टिकट पर वाची (शोपियां) से चुनाव लड़ा। 2004 में उन्होंने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग संसदीय सीट से पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीतकर संसद भवन में प्रवेश लिया। 2014 में हुए संसदीय चुनावों में एक बार फिर वह सांसद चुनी गई।
और अब जब वो राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बन गई हैं तो लोगों को इनसे काफी उम्मीदें हैं।
