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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी शासन का मुरीद हुआ गुलाम कश्‍मीर, भारत में हाेना चाहता है शामिल

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 01 Sep 2015 11:36 AM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2015 02:10 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन की तारीफ अब गुलाम कश्‍मीर में भी होने लगी है। यही वजह है कि वहां ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन की तारीफ अब गुलाम कश्मीर में भी होने लगी है। यही वजह है कि वहां के 99 फीसद लोग भारत के साथ आना चाहते हैं। यह कहना है अंजुमन मिनहास ए रसूल के चैयरमेन मौलाना सैयद अथर दहलवी का। उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कमान संभालने के बाद अब पीओके के लोग पाकिस्तान से आजाद होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी वजह मोदी की नीति है, जिसके चलते वहां के लोग उनके मुरीद हो गए हैं।

अपने पांच दिन के कश्मीर दौरे से लौटे मौलाना दहलवी ने कहा कि कश्मीर में पीएम मोदी ने जिस तरह से बाढ़ पीडितों की मदद की वह तारीफ के काबिल है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कश्मीर डूब रहा था उस वक्त भारतीय फौज उनके लिए देवदूत बनकर सामने आई और लोगों काे हर संभव मदद दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का बेहतर प्रशासन और जम्मू कश्मीर के प्रति उनका नजरिया दोनों ही दूसरों से बेहतर हैं।

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मौलाना ने कहा कि मोदी की सुशासन देने की अपील का गुलाम कश्मीर में जबरदस्त स्वागत किया गया है। यही वजह है कि वह पाकिस्तान से नाता तोड़कर भारत में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह लगातार हिमालय के क्षेत्र को अपनी कालोनी के तौर पर बताता आया है। लेकिन अब गुलाम कश्मीर के लोग इसको मानने के लिए तैयार नहीं है। प्रेस वार्ता के दौराना उन्होंने कश्मीर के अलगाववादी नेताओं पर भी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि उनका वहां कोई वजूद नहीं है और उनकी राजनीतिक जमीन खत्म हो चुकी है।

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