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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लापता विमान AN-32 का अब तक सुराग नहीं, सरकार ने US से मांगी मदद

By Lalit RaiEdited By:
Published: Sat, 30 Jul 2016 01:15 AM (IST)Updated: Sat, 30 Jul 2016 06:25 AM (IST)

आठ दिन बीत जाने के बाद भी लापता विमान एन-32 के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। अब सरकार ने इस सिलसिले में अमेरिका से मदद मांगी है।

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नई दिल्ली ।भारतीय वायुसेना के लापता एएन32 विमान का एक हफ्ते बाद भी कोई संकेत नहीं मिलने के बीच रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को कहा कि लापता विमान का पता लगाने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है। उन्होंने विमान में तोड़फोड़ किए जाने की आशंका से इनकार किया है।

अमेरिका से मांगी मदद

पर्रिकर ने कहा कि सरकार ने चित्रों की पहचान करने के लिए अमेरिका की मदद मांगी है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी रक्षा बलों से इस बात की मदद मांगी जा रही है कि क्या उनके उपग्रहों ने 22 जुलाई को कुछ सिग्नल पकड़े थे। 22 जुलाई को ही 29 लोगों को ले जा रहा यह विमान लापता हुआ था।

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उन्होंने कहा कि हमारे उपग्रहों के चित्रों के अलावा हमने अमेरिका से उनके चित्रों के लिए कहा है। ताकि अंतरिक्ष में स्थित उपग्रहों की आपात फ्रीक्वेंसी का पता चल सके। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से भी लापता विमान की जानकारी के लिए संपर्क किया गया है। सरकार को भरोसा है कि प्रयास सफल होंगे।

'विमान का गायब होना चिंता की बात'

रक्षा मंत्री ने कहा कि विमान की हाल में व्यापक मरम्मत की गई थी और यह नए विमान की तरह ही बेहतर था। उन्होंने कहा कि वो सदस्यों की परेशानी को समझ सकते हैं। वो भी विमान के अचानक गायब हो जाने से परेशान हैं। उन्होंने कई विशेषज्ञों एवं पूर्व वायुसेना प्रमुखों से बात की है, वे भी विमान के अचानक गायब हो जाने से हैरत में हैं।

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'तोड़फोड़ की आशंका नहीं'

उन्होंने कहा कि किसी एसओएस या किसी फ्रीक्वेंसी का प्रसारण नहीं किया गया। यह बस लापता हो गया जो चिंता की सबसे बड़ी बात है। तोडफोड़ की किसी आशंका संबंधी डीएमके के एक सांसद के सवाल के जवाब में कहा कि वो अटकलें नहीं लगा सकते हैं, क्योंकि हम उसकी तलाश कर रहे हैं। किसी तोड़फोड़ की आशंका बहुत कम है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना के 10 पोत एवं पनडुब्बी सिंधुध्वज तलाशी के काम में लगाए गए हैं। उन्होंने बारीकी से सब जगह तलाशी कर ली है। लापता होने के समय विमान रडार पर था किन्तु यह सेकेंडरी पैसिव रडार पर था।

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उन्होंने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि हम इसका पता लगा लेंगे। वो सबको विश्वास दिलाना चाहते हैं कि लापता विमान की तलाश के लिए अधिकतम प्रयास किए जाएंगे। रडार पर एक भी सिग्नल रिकॉर्ड नहीं किया गया। अमेरिकी रक्षा बलों से मदद की अपील की गई है कि क्या उनके उपग्रहों ने कोई सिग्नल पकड़ा है। उस दिन गहरे बादल थे छाए हुए थे।

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