यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कौन कहां जाएगा इसे देखना देश का काम : पर्रीकर
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने चीन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश में कौन कहां जाएगा और नहीं जाएगा इसे देखने का काम हमारा है।

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के प्रस्तावित अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर विरोध जताए जाने को लेकर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने चीन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश में कौन कहां जाएगा और नहीं जाएगा इसे देखने का काम हमारा है। यह भारत का आंतरिक मामला है। इसमें किसी दूसरे देश को दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। हालांकि चीन के साथ भारत का क्या मसला है, उस विषय को विदेश मंत्रालय देख रहा है।
रक्षा मंत्री रविवार को पश्चिम बंगाल में बागडोगरा एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। वह दार्जिलिंग के हूकर रोड स्थित राम कृष्ण शिक्षा परिषद के मॉडल स्कूल के नए भवन के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए दार्जिलिंग आए हुए थे। उन्होंने बताया कि शनिवार की शाम व रविवार की सुबह उन्होंने त्रि-शक्ति कोर आर्मी एरिया का भ्रमण किया। सेना के अधिकारियों से सुरक्षा संबंधी विषयों पर चर्चा की।
जाति के आधार पर अब नहीं बनेगा रेजिमेंट
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने कहा है कि अब नाम व जाति के आधार पर सेना में रेजिमेंट नहीं बनेगा। जो रेजिमेंट पहले से हैं वही बने रहेंगे, इनके नामों में परिवर्तन नहीं होगा। यह अंग्रेजों के शासन काल से बना आ रहा है। लेकिन अब भविष्य में जाति के आधार पर किसी भी रेजिमेंट का गठन नहीं होगा। सेना के अधिकारियों द्वारा जवानों से अपने घरों में सहायक के रूप में काम लिए जाने और एक जवान मैथ्यू रॉय द्वारा की गई आत्महत्या के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख से इस मामले को देखने के लिए कहा गया है।
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