यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
घाटी में दाखिल हुए 60 फिदायीन, निशाने पर हैं सुरक्षा बल
एक ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि सुरक्षा बलों को निशाने पर लेकर घाटी में 60 फिदायीन हमलावार दाखिल हो चुके हैं।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर बढ़ते हुए आतंकी हमलों के बीच एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि घाटी में लगभग 60 आत्मघाती हमलावर (फिदायीन) दाखिल हो चुके हैं, जिससे सुरक्षा बलों की नींद उड़ी हुयी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, इन फिदायीन हमलावरों ने हाल के दिनों में ही घाटी में प्रवेश किया है और इनके निशाने पर विशेष रूप से सुरक्षा बल हैं जिसमें आर्मी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और जम्मू-कश्मीर पुलिस है। सुरक्षा बलों को इस बात की भनक तब लगी, जब एजेंसियों ने लश्कर के डिविजनल कमांडर अबू दुनाजा की तलाश शुरू की। दुजाना वहीं शख्स है जो पिछले हफ्ते सीआरपीएफ के वाहन पर हमले का सूत्रधार था। पिछले साल ऊधमपुर में बीएसएफ जवानों और शनिवार को पंपोर में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले के तार भी दुजाना से ही जुड़े हैं।
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टीओआई के अनुसार, दुजाना घाटी में ही रह रहा है और वह पाकिस्तान से आए हुए उच्च प्रशिक्षित आतंकियों को सुरक्षा बलों की गतिविधियों की सूचना मुहैया कराने के साथ आतंकियों के रहने, खाने और उन्हें साइट पर ले जाने की व्यवस्था कर रहा है। 25 जून को हुए हमले में पाकिस्तान के हाथ होने की ओर इशारा करने वाले कुछ पुख्ता सबूत मिलने के बाद सीआरपीएफ इसकी जांच एनआईए से कराने की सोच रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी के राजेंद्र कुमार ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया "उन्हें इस मामले में गंभीर सुराग हाथ लेगे हैं।" वहीं सीआरपीएफ के महानिदेशक के दुर्गा प्रसाद ने बताया, "हमारे कुछ जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहनते हैं जबकि कुछ नहीं पहनते हैं, हालांकि बुलेट प्रूफ जैकेट पहनना समस्या का समाधान नहीं है। हमें कुछ और ज्यादा करने की जरूरत है और हम इस पर काम कर रहे हैं।"
