यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब टीटीई मशीन से काटेगा टिकट
रेलवे चलती ट्रेन में यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटा है। अब ट्रेनों में ...और पढ़ें

मुरादाबाद, [प्रदीप चौरसिया]। रेलवे चलती ट्रेन में यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटा है। अब ट्रेनों में टीटीई के हाथ में टिकट बनाने वाली मशीन नजर आएगी। इसके जरिए वह जुर्माने की रसीद बनाने के साथ चलती ट्रेन में ही यात्रियों के टिकट में अगले स्टेशन तक यात्रा का विस्तार भी कर सकेगा। इस मशीन से ट्रेन में ही यात्री को वापसी का जनरल टिकट भी मिल जाएगा। रेलवे बोर्ड ने हैंडहेल्ड मशीन के लिए बजट भी आवंटित कर दिया है।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई ट्रेनों में वाई-फाई सेवा शुरू कर दी है, जिससे यात्री बिना किसी कनेक्शन के चलती ट्रेन में लैपटॉप या टेबलेट पर इंटरनेट का प्रयोग कर सकते हैं। इंटरनेट के माध्यम से आम यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाने की योजना है। नयी सुविधा से पारदर्शिता आएगी और टीटीई यात्रियों के साथ मनमानी नहीं कर पाएंगें। ट्रेनों में टीटीई को हैंडहेल्ड मशीन उपलब्ध कराई जाएगी, जो वाई-फाई के माध्यम से रेलवे के मुख्य सरवर से जुड़ी होगी। टीटीई चेकिंग के दौरान पकड़े गए बिना टिकट यात्री से जुर्माना लेने के लिए रसीद बुक के प्रयोग के बजाए इस मशीन से ही रसीद बनाएगा।
नयी व्यवस्था लागू होने के बाद टीटीई की मनमानी पर भी काफी हद तक रोक लग जाएगी। वर्तमान में रेलवे ने राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस में टीटीई को हैंडहेल्ड मशीन उपलब्ध कराई है। इसके द्वारा टीटीई केवल आरक्षित यात्रियों की सूची देख सकता है और खाली बर्थ की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
इन्होंने कहा...
वर्तमान में राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस के टीटीई को हैंडहेल्ड मशीन दी गई है। धीरे-धीरे अन्य ट्रेनों में भी यही व्यवस्था लागू करने की योजना है।
हितेंद्र मल्होत्रा, अपर मंडल रेल प्रबंधक
