यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UPA से 5 गुना तेज NDA सरकार, एक साल में बनाए 5 लाख से ज्यादा घर
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के मुकाबले मौजूदा राजग सरकार की काम करने की गति पांच गुनी है। शहरी गरीबों के ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के मुकाबले मौजूदा राजग सरकार की काम करने की गति पांच गुनी है। शहरी गरीबों के लिए एक साल में पांच लाख मकान बना दिए। जबकि पिछली सरकार के दो कार्यकाल के दौरान कुल दस लाख मकान ही बनाए जा सके थे। सबको मकान देने के वायदे को पूरा करने को लेकर सरकार व्यापक स्तर पर जुटी हुई है।
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पिछली संप्रग सरकार के दौरान शहरी गरीबों के लिए कुल 14 लाख मकान बनाने की कई परियोजनाएं मंजूर की गई। लेकिन इनमें से केवल 10 लाख मकान ही बनाए जा सके थे। इनमें से ज्यादातर आवास जवाहर लाल नेहरु शहरी रिन्यूवल मिशन के तहत बनाए गए थे। केंद्र की मौजूदा राजग सरकार ने सत्ता में आते ही वर्ष 2022 तक सबको आवास देने का ऐलान कर दिया। उसी के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम आय वर्ग के लोगों के लिए मकान बनाने की प्रधानमंत्री आवास योजना को तेज कर दिया गया।
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में ही शहरी क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना लांच हुई। पिछली सरकार के दौरान शहरी क्षेत्र की दो आवासीय परियोजना की लागत 40 हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो पूरे कार्यकाल के दौरान के लिए मंजूर राशि थी। इसके मुकाबले राजग सरकार ने पहले वर्ष के लिए 29 हजार करोड़ रुपये का आवंटन कर दिया।
शहरी गरीबों के लिए मकान बनाने की योजनाओं को तेजी से चलाने के लिए उन्हें कई और तरह की सहूलियतें दी गई हैं। इसका फायदा भी दिखाई देने लगा है। आगामी वित्त वर्ष 2016-17 के आम बजट में इन प्रावधानों का एलान किया गया है।
