यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कम पढ़ा लिखा होने के कारण राम रहीम को जेल में करना होगा ये काम
डेरा प्रमुख चूंकि कम पढ़ा लिखा है, इसलिए उससे लेबर वर्क (मजदूरी) कराई जाएगी।

चंडीगढ़,राज्य ब्यूरो/जेएनएन। यौन शोषण के मामले में 20 साल जेल की सजा पाए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की जेल में पहली रात गुजारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रामरहीम पूरी रात बैरख में जागता रहा। बैरक में इधर से उधर टहलता रहा और सो नहीं पाया। गुरमीत को खाने में 4 रोटी और सब्जी दी गई थी लेकिन उसने सिर्फ आधी रोटी और सब्जी खाई। राम रहीम को जेल प्रशासन ने नया कैदी नंबर 8647 दिया है।
डेरा सच्चा सौदा रहते हुए अरबों की संपत्ति बनाने वाले राम रहीम को माली के साथ फैक्ट्री में काम करना होगा और 40 रुपया रोज का मेहनताना दिया जाएगा। सोमवार की दोपहर सीबीआई की विशेष कोर्ट ने रोहतक में जेल में रामरहीम को 20 साल जेल की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद रामरहीम फर्श पर ही बेसुध बैठ गया और माफी मांगने लगा।
आठ गैंगस्टर गिरोहों, 50 बदमाशों के बीच रहेगा राम रहीम
20 साल की सजा के फैसले के बाद डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम अब सुनारिया जेल में आठ गैंगस्टर गिरोहों के पचास से अधिक बदमाशों के बीच रहेगा। सुरक्षा कारणों से उसे बैरक की बजाय जेल की सेल में रखा जाएगा। बैरक में 60 और सेल में तीन से पांच कैदी रखे जा सकते हैं।
कम पढ़ा लिखा है डेरा प्रमुख
डेरा प्रमुख चूंकि कम पढ़ा लिखा है, इसलिए उससे लेबर वर्क (मजदूरी) कराई जाएगी। लेबर वर्क के लिए वह फिट है या नहीं, इसके लिए मेडिकल जांच होगी। डाक्टरों ने उसे फिट करार दिया तो जेल प्रबंधन फैक्ट्री में बढ़ई का काम, चारपाई और कुर्सी बुनने, बागवानी करने अथवा बेकरी में बिस्कुट बनाने का काम दे सकता है। काम करने के उसका ड्यूटी टाइम सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। राम रहीम ने नौवीं तक पढ़ाई की है।
डेरा प्रमुख काम करना चाहेगा या नहीं, यह उसकी मर्जी पर निर्भर करेगा। काम करने की स्थिति में किसी भी कैदी की निर्धारित सजा में छूट दिए जाने का प्रावधान है। मंगलवार सुबह डेरा प्रमुख को जेलर के सामने पेश किया जाएगा। तभी उसे कैदी नंबर अलॉट कर दिया जाएगा। अभी तक उसका हवालाती नंबर 1997 था। हवालाती रजिस्टर और कैदी रजिस्टर अलग-अलग होते हैं। सुनारिया जेल में कैदियों की क्षमता 1400 के आसपास है।
ये मिलेगा खाने में
सुबह के समय आम कैदियों की तरह डेरा प्रमुख को भी चाय और ब्रेड मिलेगी। दोपहर को खाने में पांच रोटी और एक दाल देने का प्रावधान है। दिन में 250 ग्राम दूध मिलेगा। शाम को चाय और रात को पांच रोटी व एक सब्जी खाने में मिलेगी। बाकी किसी भी समय दूध या चाय देने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पहनने होंगे सफेद कपड़े
जेल मैनुअल के अनुसार आम कैदी की तरह डेरा प्रमुख को भी सफेद रंग के कपड़े पहनने होंगे। अपने साथ वह जो कपड़े लेकर गया है, उसे जेल में ले जाने की इजाजत नहीं होगी। अमूमन प्रभावशाली कैदी अपने खुद के सफेद कपड़े जेल में पहनते रहे हैं, लेकिन मीडिया ट्रायल से बचने के लिए जेल प्रबंधन डेरा मुखी को उसके अपने कपड़े पहनने की इजाजत नहीं देगा। डेरा प्रमुख के वकीलों ने अपनी जेल बदले जाने की अर्जी लगाई है, इसलिए देर सबेर उसकी जेल भी बदली जा सकती है।
