यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पृथ्वी व धनुष मिसाइल का सफल परीक्षण
भारत ने शुक्रवार को परमाणु क्षमता वाली पृथ्वी-2 व बैलेस्टिक मिसाइल धनुष का सफल परीक्षण किया। सुबह 10.40 बजे ओडिशा ...और पढ़ें

बालासोर। भारत ने शुक्रवार को परमाणु क्षमता वाली पृथ्वी-2 व बैलेस्टिक मिसाइल धनुष का सफल परीक्षण किया। सुबह 10.40 बजे ओडिशा के बालासोर जिले के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से पृथ्वी-दो का सफल परीक्षण किया। जमीन से जमीन पर इस मिसाइल की मारक क्षमता 350 किमी है। इसे नौ घंटे बाद शाम 7.40 बजे बैलेस्टिक मिसाइल धनुष का परीक्षण किया गया। सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल धनुष को बंगाल की खाड़ी में एक पोत से लक्ष्य पर छोड़ा गया।
परीक्षण को पूरी तरह सफल बताते हुए आइटीआर निदेशक एमवीकेवी प्रसाद ने बताया कि पृथ्वी-2 मिसाइल 500-1,000 किलोग्राम आयुध ले जा सकती है। इसमें एडवांस्ड इंटीरियल गाइडेंस सिस्टम को मैन्यूवेङ्क्षरग ट्रैजेक्ट्री सिस्टम के साथ प्रयोग किया गया है। मिसाइल ने बंगाल की खाड़ी में रखे लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किया। इस पर नजर रखने के लिए एक टीम तैनात की गई थी। पृथ्वी-2 मिसाइल का इससे पहले भी सफल परीक्षण किया जा चुका है। इसके अलावा धनुष मिसाइल पांच सौ से एक हजार किलोग्राम तक परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है। यह जमीन व समुद्र दोनों जगह लक्ष्य को भेद सकता है। धनुष को पहले ही सेना में शामिल किया जा चुका है। डीआरडीओ द्वारा विकसित किए गए पांच मिसाइलों में से यह एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिसाइल के सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। दस दिनों की विदेश यात्रा पर गए प्रधानमंत्री ने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इस सफलता पर बधाई दी।
विशेषता और क्षमता
-- सतह से सतह तक मार करने वाली मिसाइल
-- मारक क्षमता 350 किलोमीटर
-- परमाणु हथियार से मार करने में सक्षम
-- 500-1000 किलो भार तक हथियार ले जाने में सक्षम
-- पृ्थवी-2 मिसाइल को वर्ष 2003 में एसएफसी में शामिल किया गया
-- इंटिग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत डीआरडीओ द्वारा विकसित पहला सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल
-- इससे पहले इस मिसाइल का परीक्षण -28 मार्च 2014 और 7 जनवरी 2014 को किया गया था
