यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मालदा के आरोपियों को बचा रही है ममता सरकार- बीजेपी
पश्चिम बंगाल के मालदा का दौरा करके लौटे एक प्रतिनिधिमंडल ने ममता सरकार पर यह आरोप लगाया है कि उनसी ...और पढ़ें

नई दिल्ली। ममता बनर्जी सरकार मालदा में अराजकता का तांडव करने और आतंक फैलाने वाले अपराधियों को बचा रही है। राय सरकार न केवल मालदा के तथ्यों को छुपाने का, अपितु सुबूतों को सुनियोजित तरीके से नष्ट करने का प्रयास कर रही है। ये आरोप भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को सौंपे ज्ञापन में लगाए हैं।
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भाजपा ने ममता की इस सफाई को भी सिरे से खारिज कर दिया कि स्थानीय लोगों का बीएसएफ के साथ टकराव के कारण यह घटना हुई थी। भाजपा ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बताते हुए इसकी उच स्तरीय जांच की मांग की है। गृह मंत्रलय के वरिष्ठ अधिकारी को सचाई का पता लगाने के लिए पश्चिम बंगाल भेजा जा सकता है। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ममता पर अर्धसैनिक बलों का मनोबल तोड़ने वाला बयान देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस घटना का बीएसएफ से कोई लेना-देना नहीं है।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने घटना के पीछे बीएसएफ और स्थानीय लोगों के टकराव को वजह बताया था। वहीं भाजपा का कहना है कि एक सुनियोजित साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया है। खासतौर पर जिस तरह से थाने पर हमला कर रिकॉर्ड रूम को जलाया गया, उससे साफ है कि स्थानीय स्तर पर नकली नोटों व मादक पदार्थो के अवैध कारोबार में लगे बदमाशों का रिकॉर्ड नष्ट करने के लिए यह हमला किया गया था।
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भाजपा ने ममता सरकार पर अपराधियों को बचाने के लिए सुबूतों को नष्ट करने का आरोप लगाया। उसके मुताबिक यही कारण है कि सचाई का पता लगाने मालदा गए भाजपा नेताओं को पहले ही रोक दिया गया। जबकि भाजपा नेताओं ने स्थानीय डीएम और एसपी से कम-से-कम शांति समिति के सदस्यों से मिलने की अनुमति मांगी थी, ताकि घटना से भयभीत स्थानीय लोगों में विश्वास का माहौल बनाया जा सके। भाजपा का कहना है कि साजिश के तहत एक संगठन को दो लाख लोगों की भीड़ जुटाने दिया गया।
