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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नोटबंदी पर पक्ष-विपक्ष में रार बरकरार, लोकसभा कल तक के लिए स्थगित

By Digpal SinghEdited By:
Published: Tue, 22 Nov 2016 10:45 AM (IST)Updated: Tue, 22 Nov 2016 02:10 PM (IST)

नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार ने स्पष्ट कहा है कि यह फैसला वापस नहीं होगा। उधर विपक्ष किसी भी कीमत ...और पढ़ें

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नई दिल्ली (जेएनएन) । बड़े नोटों को अमान्य करने के मोदी सरकार के निर्णय के मुद्दे पर आज लोकसभा में लगातार दूसरे दिन विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा किया और सदन का कार्य स्थगित करके मतविभाजन वाले नियम 56 के तहत तत्काल चर्चा कराने की मांग की। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले करीब 11 बजकर 20 मिनट पर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई गयी और फिर दोबारा हंगामे के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। राज्यसभा की कार्यवाही को हंगामे के बाद कल कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

सरकार का कहना है कि यह कदम कालाधन, भ्रष्टाचार और जाली नोट के खिलाफ उठाया गया है। सरकार नियम 193 के तहत चर्चा कराने को तैयार है हालांकि विपक्षी दल कार्य स्थगित करके चर्चा कराने की मांग पर अड़े हुए थे। इस विषय पर अपनी मांग के समर्थन में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वाम दल के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। अन्नाद्रमुक सदस्यों को भी अपने स्थान से बाहर आकर खड़े देखा गया। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर आप गरीबों, आम लोगों की परेशानियों को उठाना चाहते हैं तो चर्चा करें।

अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे और नारेबाजी के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही चलायी। इस दौरान कुछ प्रश्न लिये गए और संबंधित मंत्रियों ने जवाब दिये। इस दौरान विपक्षी सदस्य हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी करते रहे। कुछ सदस्य जवाब दे रहे मंत्री के सामने आ कर नारेबाजी करने लगे। आज जब कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू अपने मंत्रालय से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे तब आसन के समीप शोर शराबा करते कुछ सदस्य उनके सामने आए गए। अध्यक्ष ने उनसे मंत्री के सामने नहीं आने को कहा। लेकिन सदस्य मंत्री के समक्ष नारेबाजी करते रहे। इस पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा ‘‘आप टीवी पर आना चाहते हैं। तो जरूर आइए। मैं लोक सभा टीवी से आग्रह करती हूं कि वो इन्हें दिखाये। आप इधर आ जाएइ, आपको टीवी पर जरूर दिखायेंगे।’’ उन्होंने कहा कि यह तरीका ठीक नहीं है। आप लोगों की परेशानी को उठाना चाहते हैं तो चर्चा करें, इस तरह से शोर शराबा करना ठीक नहीं है। लोगों की तकलीफ रखने का यह तरीका ठीक नहीं है।

अध्यक्ष ने कहा कि अगर आप वास्तव में जनप्रतिनिधि हैं तो इस प्रकार हंगामा करना उचित नहीं है। अध्यक्ष ने सदस्यों से फिर से अपने स्थान पर जाने का आग्रह किया। पर इसका कोई असर नहीं हुआ। हंगामा बढ़ता देख उन्होंने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 20 मिनट पर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस, तृणमूल, वाम दलों ने 500 रूपये और 1000 रूपये के नोटों को अमान्य करने के कारण आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया और कार्यस्थगित करके तत्काल चर्चा शुरू कराने की मांग की।

प्रश्नकाल में एक सवाल का जवाब देने के क्रम में कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि आप किसानों की बात करते हैं तो आप सवाल पूछें और मेरा उत्तर सुनें। कल संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि हम इस विषय पर चर्चा कराने को तैयार हैं। भारत सरकार इस पर नियम 193 के तहत चर्चा कराने को तैयार है। पूरी जनता मोदी सरकार के इस निर्णय के साथ है। हम चर्चा को तैयार हैं।

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नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार ने स्पष्ट कहा है कि यह फैसला वापस नहीं होगा। उधर विपक्ष किसी भी कीमत पर फैसला वापस लेने या पुराने नोट चलाने के लिए अधिक समय दिए जाने की मांग पर अड़ा हुआ है। इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा जारी है। संसद का शीतकालीन सत्र जारी है, लेकिन विपक्ष संसद की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान डाल रहा है।

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सरकार को घेरने की हर कोशिश में जुटे विपक्ष ने बैंकों की लाइन में खड़े लोगों की मुश्किलों को मुद्दा बनाते हुए शीतकालीन सत्र में अब तक जमकर हंगामा किया है। उधर सरकार ने भी 500 और 1000 रुपये के नोट पर पाबंदी लगाने के फैसले पर किसी तरह की ढील की गुंजाइश को नकारते हुए विपक्ष को संसद में बहस के लिए ललकारा है। लोकसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव तो राज्यसभा में बैंकों की लाइन में खड़े लोगों की मौत पर श्रद्धांजलि की मांग को लेकर अड़े विपक्ष ने सोमवार को भी शोर-शराबा कर सदन नहीं चलने दिया।

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इस बीच विपक्ष की नोटबंदी पर आवाज बुलंद करने के लिए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को दिल्ली पहुंच रही हैं. वहीं नोटबंदी की खामियों पर सरकार को घेरने की रणनीति के तहत बुधवार को विपक्षी दलों के करीब 200 सांसदों के संसद परिसर में धरना और शक्ति प्रदर्शन की भी तैयारी है।

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सरकार और विपक्ष की इस तकरार की वजह से संसद के शीत सत्र में संसद की कार्यवाही सोमवार को लगातार तीसरे दिन नहीं चल पायी। राज्यसभा की कार्यवाही की शुरुआत कानपुर के पास हुए ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके तत्काल बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, माकपा, सपा और बसपा ने नोटबंदी की वजह से देश के लोगों की बेहाली का मुद्दा उठाया। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने कहा कि नोटबंदी के चलते लाइन में खड़े होने के दौरान देशभर में अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए ट्रेन दुर्घटना में मारे गए लोगों की तरह सदन में इन्हें भी श्रद्धांजलि दी जाए।

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