यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नोटबंदी पर विपक्ष को पीयूष गोयल का जवाब, अर्थशास्त्र नहीं जानते आनंद शर्मा
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में नोटबंदी पर चर्चा हुई। इसमें कांग्रेस के आनंद शर्मा ने ...और पढ़ें

नई दिल्ली (जेएनएन)। शीतकालीन सत्र की शुरुआत में बुधवार को राज्यसभा में नोटबंदी पर चर्चा चल रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने सरकार की जमकर खिंचाई की। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष भी मजबूती से रखा। आनंद शर्मा के पूछे गए सवालों और आरोपों का जवाब देते हुए एक बार तो गोयल ने यहां तक कह दिया कि शायद आनंद शर्मा को अर्थशास्त्र की कम जानकारी है, तभी उन्होंने इस तरह की बातें कही हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार की तरफ से भ्रष्टाचार पर जबरदस्त कुठाराघात किया गया है। इसका सभी ने स्वागत किया है। आम आदमी इसको लेकर हो रही दिक्कत के बाद भी सरकार के इस कदम को सही बता रहा है। जबकि विपक्ष बेवजह इसको लेकर लोगों के बीच भ्रम फैला रहा है। उन्होंने कहा, विपक्ष को चाहिए कि वह कालेधन को रोकने के लिए उठाए गए इस कदम पर सरकार का साथ दे।
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सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंंने कहा कि सरकार शुरू से ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और कामकाज में पारदर्शिता बरतने को लेकर दृढ संकल्प है। यही वजह है कि स्पैक्ट्रम समेत कोयला नीलामी पर सरकार ने सही निर्णय लेते हुए पारदर्शिता बरती है।
ईमानदारी के पैसे और इसको जमा करने वालों को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन सरकार किसी भी भ्रष्टाचारी और कालाधन रखने वालोंं को नहीं छोड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार कालेधन को लेकर नीति लाती रही है, लेकिन अब सरकार ने इसको रोकने के लिए कठोर फैसला करने का निर्णय ले लिया है।
पीयूष गोयल का कहना था कि यदि सभी लोग ईमानदारी से अपना टैक्स भरें तो इस तरह की दिक्कतें सामने नहीं आएंगी। यदि सही कर अदा किया जाए तो महंगाई पर भी नियंत्रण संभव हो सकता है। रोजगार के नए अवसर, विकास की नई योजनाएं भी तभी बनाई जा सकती हैं।
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विपक्ष को जवाब देते हुए उन्होंने यह भी माना कि देश में काफी कम संख्या में भ्रष्टाचार और कालाधन बटोरने वाले लोग हैं। लेकिन इनका खामियाजा अन्य लोगों को भी भुगतना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने इस फैसले को कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बताया है, लेकिन यदि विपक्ष ऐसा मानता है तो यह सरकार के लिए अच्छा है।
विपक्ष के बार-बार विदेशों में मौजूद कालाधन वापस लाने के मुद्दे और विदेशी बैंकों में कालाधन जमा करने वालों का नाम सार्वजनिक किए जाने के सवाल पर पीयूष गोयल ने कहा कि यदि सरकार कालेधन वालों के नाम का खुलासा कर दे तो विेदेशी बैंकों से मिलने वाली जानकारी मिलनी बंद हो जाएगी।
