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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही माल्या को मिली बेल, प्रत्यर्पण पर अभी भी सवाल

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Tue, 18 Apr 2017 03:38 PM (IST)Updated: Wed, 19 Apr 2017 05:57 AM (IST)

माल्या को MLAT (मुचुअल लीगल असिस्टेंट ट्रीटी) संधि के तहत गिरफ्तार किया गया। वह भारत छोड़ने के बाद दो साल से लंदन में रह रहे हैं।

गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही माल्या को मिली बेल, प्रत्यर्पण पर अभी भी सवाल
गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही माल्या को मिली बेल, प्रत्यर्पण पर अभी भी सवाल

नई दिल्ली, जेएनएन। करीब नौ हजार करोड़ रूपये का बैंक लोन लेकर लंदन भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार करने के कुछ देर बाद वेस्टमिंस्टर कोर्ट की तरफ से ज़मानत दे दी गई। उनकी गिरफ्तारी वेस्टमिंस्टर कोर्ट के आदेश के बाद ही हुई थी। माल्या को MLAT (मुचुअल लीगल असिस्टेंट ट्रीटी) संधि के तहत गिरफ्तार किया गया। वह भारत छोड़ने के बाद दो साल से लंदन में रह रहे हैं। वहीं आइडीबीआइ केस में प्रवर्तन निदेशालय माल्या और दूसरे आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर करेगी।

स्कॉटलैंड यार्ड के मुताबिक, लंदन के मेट्रोपोलिटन पोलिस की एक्स्ट्राडिशन यूनिट के अधिकारियों ने प्रत्यर्पण वारंट पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार को विजय माल्या को गिरफ्तार किया। 61 वर्षीय माल्या पर इंडियन अथॉरिटीज की तरफ से बैंकों के साथ धोखाधड़ी के लगाए गए आरोप के बाद यह कार्रवाई की गई।

विजय माल्या की गिरफ्तारी की सीबीआई ने भी पुष्टि की। माल्या के खिलाफ कई एजेंसियों ने समन जारी किया हुआ था। इससे पहले, वित्त मंत्रालय की तरफ से आग्रह के बाद विदेश मंत्रालय ने विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया था।

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गौरतबल है कि विजय माल्या के अचानक देश छोड़ने के बाद भारत सरकार ने ब्रिटेन से माल्या के प्रत्यर्पण की मांग की थी जिसे ब्रिटेन की सरकार ने मंजूर कर लिया था। शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, कहा जा रहा है विजय माल्या की गिरफ्तार की पृष्ठभूमि उस वक्त तैयार हो गई थी जब वित्त मंत्री अरूण जेटली ने फरवरी महीने में लंदन का दौरा किया था।

इस बारे में ब्रिटेन के विदेश सचिव से भी चर्चा की गई थी। साथ ही, वहां के प्रधानमंत्री के सामने भी यह बात रखी गई थी। विजय माल्या का जल्द ही प्रत्यर्पण किया जाएगा और कोर्ट में सुनवाई के लिए लाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही सीबीआई लंदन जाएगी।  

उधर, अपनी गिरफ्तारी पर विजय माल्या ट्वीट करते हुए लिखा- 'भारतीय मीडिया इसे हमेशा की तरह बढ़ाचढ़ा कर पेश कर रही है। प्रत्यर्पण मामले में कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई है जिसके पहले से उम्मीद थी।'  

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क्या है मुचुअल लीगर असिस्टेंस ट्रीटी

मुचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी यानि पारस्परिक कानूनी सहायता संधि वह समझौता है जो दो या फिर दो से अधिक देशों के बीच होता है। इसका मक़सद सूचनाओं को इकट्ठा करना और उसे एक दूसरे के साथ साझा करना है ताकि आपराधिक कानूनी प्रक्रियाओं के पालन का प्रयास किया जा सके।