विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तल्ख हुए भारत-पाक रिश्ते, भारत ने इस्लामाबाद से 8 राजनयिक वापस बुलाए

By kishor joshiEdited By:
Published: Thu, 03 Nov 2016 07:50 AM (IST)Updated: Thu, 03 Nov 2016 01:47 PM (IST)

भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं।

News Article Hero Image

नई दिल्ली (जेएनएन)। भारत और पाकिस्तान के बीच बेहद खराब हो चले कूटनीतिक रिश्ते लगातार बदतर होते जा रहे हैं। कुछ रोज पहले ही भारत ने नई दिल्ली स्थिति पाक उचायोग में चलाये जा रहे एक जासूसी गिरोह का भंडाफोड़ किया था। बुधवार को दोनो देशों ने अपने उच्चायोग से कई अफसरों को वापस बुलाने का फैसला किया। लिहाजा, भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से आठ राजनयिकों को और पाकिस्तान ने नई दिल्ली उच्चायोग से छह अधिकारियों को वापस बुला लिया है।

इसी बीच, भारत ने पाकिस्तान के उप उचायुक्त को तलब किया। साथ ही उससे सीमा पर हो रही गोलीबारी पर कड़ी नाराजगी जताई है। विदेश मंत्रलय के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की एजेंसियों के हवाले से वहां की स्थानीय मीडिया में बुधवार सुबह से भारत के उच्चायोग में कार्यरत सात-आठ अधिकारियों के बारे में खबरें चलाई जा रही थीं। बाद में इन सभी अफसरों के नाम भी वहां टीवी चैनलों पर दिखा दिए गए।

पढ़ें- जासूसी कांड: पाकिस्तान ने अपने 6 अधिकारियों को वापस बुलाया

इसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठ खड़े हुए। इसी कारण उन्हें स्वदेश वापस बुलाने का फैसला किया गया है। जाहिर है कि इस्लामाबाद उचायोग में काम करने वाले भारतीय अधिकारियों की संख्या और कम हो जाएगी।

इसी तरह से पाकिस्तान ने भी देर शाम तक यह बता दिया कि नई दिल्ली स्थित उसके उच्चायोग के छह अधिकारियों को वापस बुलाया जा रहा है। वैसे यह ऐलान पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर नहीं किया। बल्कि उच्चायोग के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान उच्चायोग का आरोप है कि उनके अधिकारियों को लगातार भारतीय एजेंसियों की ओर से प्रताड़ित किया जा रहा है। ऐसे में उनके लिए काम करना मुश्किल हो गया है।

पढ़ें- पूछताछ में महमूद अख्तर ने दी जानकारी- पाक उच्चायोग में हैं 16 और जासूस

पाकिस्तान उच्चायोग से बुलाये गये कर्मचारियों में कमर्शियल काउंसलर सैयद फारूख हबीब, प्रथम सचिव खादिम हुसैन, मुदस्सर चीमा और शाहिद इकबाल शामिल हैं। जबकि भारतीय उच्चायोग से कमर्शियल काउंसलर राजेश अग्निहोत्री, प्रेस काउंसलर बलबीर सिंह समेत आठ अधिकारियों को वापस बुलाया गया है। दोनो देशों की तरफ से इस कदम से इनके उच्चायोग के कामकाज पर असर पड़ेगा। वीजा जारी करने का काम भी प्रभावित होगा।

उधर, भारत ने बुधवार को फिर यह साफ कर दिया कि पाकिस्तान की करतूतों को वह कतई बर्दाश्त करने वाला नहीं है। पाकिस्तान के उप उच्चायोग सैयद हैदर शाह को तलब कर सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही अकारण गोलीबारी पर अपनी नाराजगी से अवगत करवाया। विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई सूचना के मुताबिक जिस तरह से पाकिस्तान की तरफ से लगातार गोलीबारी हो रही है उससे भारत को जानमाल का काफी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही आतंकियों के एक भारतीय जवान की हत्या कर उसके शव को क्षत-विक्षत करने के मामले पर भी अपनी चिंता जताई है। पाकिस्तान से कहा गया है कि वह ऐसा कुछ न करे जिससे रिश्तों में और कड़वाहट घुले।

पढ़ें- जेल ब्रेक की जांच एनआइए, मुठभेड़ की एसआइटी से