यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IPL महाराष्ट्र से आउट, फाइनल समेत 13 मैच होंगे अन्य राज्यों में
सूखे को लेकर बांबे हाई कोर्ट ने बुधवार को बीसीसीआइ के पैरों तले से जमीन खिसका दी।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। सूखे को लेकर बांबे हाई कोर्ट ने बुधवार को बीसीसीआइ के पैरों तले से जमीन खिसका दी। कोर्ट ने मई में मुंबई, पुणे और नागपुर में होने वाले फाइनल समेत आइपीएल के सभी 13 मैच महाराष्ट्र से बाहर कराने को कहा। आइपीएल-9 का फाइनल मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होना था। कोर्ट के फैसले पर आइपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा कि अन्य राज्यों में अब मैच कराना आसान नहीं होगा। फिर भी हमने कोशिश शुरू कर दी है। गौरतलब है कि दैनिक जागरण ने सात अप्रैल के अंक में ही आशंका जता दी थी कि भीषण सूखे के कारण आइपीएल-9 के मैच महाराष्ट्र से बाहर स्थानांतरित किए जा सकते हैं।
हाई कोर्ट ने यह फैसला सामाजिक संगठन लोकसत्ता आंदोलन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनाया। याचिका में मांग की गई थी कि मुंबई, पुणे एवं नागपुर में होनेवाले आइपीएल के सभी 20 मैचों को महाराष्ट्र से बाहर कराया जाए। भीषण सूखे से जूझ रहे राज्य में क्रिकेट पिचों को संवारने के लिए 60 लाख लीटर पानी बहाना उचित नहीं। मैचों को बचाने के लिए बीसीसीआइ एवं मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन सहित आइपीएल के टीम मालिकों ने हाई कोर्ट की कई शर्तें मानने की पेशकश भी की थी। इनमें सूखा पीडि़त राज्य के किसी हिस्से में 60 लाख लीटर साफ किया हुआ जल भिजवाना और मुंबई व पुणे की टीमों द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में पांच-पांच करोड़ रुपये दान करना भी शामिल था। लेकिन हाई कोर्ट ने कहा कि सूखे से जूझ रहे राज्य में आइपीएल न कराना ही उचित होगा ।
सरकार के रवैये से आहत:
कोर्ट ने कहा कि सरकार का रुख देख कर हम बहुत आहत हुए। यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार जिम्मेदारी निभाने के बजाय स्थानीय निकायों पर ठीकरा फोडऩा चाहती थी। कोर्ट के अनुसार, यह भी पता लगा कि एक तरफ तो सरकार कहती रही कि यदि मैच अन्य राज्यों में कराए जाएं तो हमें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन दूसरी तरफ उसने पिचों के रखरखाव में पानी बर्बाद करने वाली क्रिकेट एसोसिएशनों के खिलाफ जांच करना तक जरूरी नहीं समझा। कोर्ट ने कहा, राज्य सरकार ने केवल स्थानीय निकायों को यह कह कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली कि वे जांच कराएं कि पेयजल का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा?
राज्य में सिर्फ पांच मैच होंगे
अप्रैल माह के बचे हुए समय में सिर्फ पांच मैच महाराष्ट्र में करवाए जा सकेंगे। कोर्ट के अनुसार 15 दिन का समय आयोजकों को मैच राज्य से बाहर कराने का इंतजाम करने के लिए दिया जा रहा है। नौ अप्रैल को आइपीएल का उद्घाटन मैच वानखेड़े स्टेडियम में हो चुका है।
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ये आइपीएल की नकारात्मक छवि बनाने का प्रयास है। हम पीने के पानी का प्रयोग नहीं कर रहे थे। हम सीवेज के शोधित जल का इस्तेमान मैदानों को तैयार करने के लिए कर रहे थे। पांच सितारा होटलों के कितने स्वीमिंग पूल को बंद किया गया? क्या लोगों ने अपने लॉन में पानी डालना बंद कर दिया? कुछ लोग इन दिनों नकारात्मकता फैलाने में जुटे हैं। आइपीएल में बेहद कम पानी खर्च होता है।
-अनुराग ठाकुर, सचिव, बीसीसीआइ
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हम मानते हैं कि आइपीएल मैच शिफ्ट करने से ही हल नहीं निकलेगा, लेकिन महाराष्ट्र में सूखे से निपटने की यह शुरुआत हो सकती है। पानी की कमी से सैकड़ों लोग मर रहे हैं। यह कोर्ट सूखा पीड़ितों के दर्द की अनदेखी नहीं कर सकता।
-जस्टिस वीएम कनाडे व जस्टिस एमएस कर्णिक, बांबे हाई कोर्ट
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हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। वैसे हमारे लिए अन्य राज्यों में अब मैच कराना आसान नहीं होगा। फिर भी हमने कोशिश शुरू कर दी है।
-राजीव शुक्ला, आइपीएल चेयरमैन
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बीसीसीआइ को बड़ा नुकसान-
-आइपीएल सीजन-9 में कुल 20 मैच मुंबई, पुणे और नागपुर में होने थे।
- इनमें से12 मैच नागपुर और पुणे में होने थे।
- 29 मई को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में तय था।
-प्रति मैच लगभग 13 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
तीन राज्यों को मिलेंगे मैच
हाई कोर्ट के फैसले के बाद बीसीसीआइ अन्य राज्यों में आइपीएल मैच कराने की तैयारी में लग गया है। सूत्रों के मुताबिक, लीग दौर के दस मैचों को मोहाली, कानपुर और विशाखापत्तनम स्थानांतरित किया जा सकता है। बाकी पर फैसला बाद में होगा।
कर्नाटक में भी आशंका:
कर्नाटक भी भीषण सूखे की स्थिति झेल रहा है। वहां भी हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करके आइपीएल मैचों को राज्य से बाहर करने की मांग की गई थी। बेंगलुरु में कुल आठ मैच प्रस्तावित थे।
बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने प्रश्न किया कि ''पांच सितारा होटलों के कितने स्वीमिंग पूल बंद हो गए हैं?'' ''क्या लोग अपने लॉन को सीचना बंद कर दिए हैं?''
We are not using drinking water, we have said that we'll use treated sewage water only: Anurag Thakur #IPL pic.twitter.com/QOy8i8ou9k
— ANI (@ANI_news) April 13, 2016
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