यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सुरक्षाबलों को केंद्र ने दी पूरी छूट कहा- नक्सल के खिलाफ अपनाएं 'आक्रामक रवैया'
सुकमा में सीआरपीएफ पर माओवादियों द्वारा किए गए हमले के बाद सतर्क हुई सरकार ने सुरक्षाबलों को आदेश दिया कि वे नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाने को स्वतंत्र हैं।

नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्र ने सुरक्षा बलों को माओवादियों के खिलाफ सभी आक्रामक तरीके अपनाने की छूट देते हुए अगले कुछ हफ्तों में इसका परिणाम मांगा है।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रायपुर में आयोजित एक मीटिंग में सीनियर सिक्योरिटी अडवाइजर के विजय कुमार व सीआरपीएफ डीजी सुदीप लखटकिया से कहा, ‘उन त्रुटियों और मुश्किलों का पता लगाएं जिसके कारण बार-बार बड़े हमले हो रहे हैं साथ ही नक्सल हमले के खात्मे के लिए दोबारा नई रणनीति बनाएं। मैं अगले दो-ढाई महीनों में सतही तौर पर इसका परिणाम चाहता हूं।‘
25 सीआरपीएफ जवानों के नरसंहार को नृशंस हत्या बताते हुए राजनाथ ने रायपुर में पत्रकारों से कहा कि आगामी 8 मई को केंद्र ने नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक के आयोजन का निर्णय लिया है जिसमें 10 माओवादी प्रभावित राज्यों को शामिल किया जाएगा ताकि माओवादियों से निपटने के लिए निर्णयात्मक रणनीति निकाली जा सके।
गृहमंत्रालय के सूत्र ने बताया कि इस बैठक में प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, गृह मंत्री ने रणनीति में बदलाव करने के लिए कहा और नक्सलियों के खिलाफ जो कुछ भी गतिविधि अपनाना है उसके लिए सुरक्षा बलों को सहयोग का वादा किया है।
गृहमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बार बार माओवादियों द्वारा सीआरपीएफ को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने लखटकिया और विजय कुमार को तब तक छत्तीसगढ़ में ही रहने को कहा जब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल जाता।
