यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग ने लगाई फटकार, मुकदमा
उत्तर प्रदेश में शनिवार को होने वाले उपचुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग ने ...और पढ़ें

नई दिल्ली [जागरण न्यूज नेटवर्क]। उत्तर प्रदेश में शनिवार को होने वाले उपचुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग ने गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी को एफआइआर दर्ज कराकर शुक्रवार पांच बजे शाम तक रिपोर्ट देने को कहा। इसके बाद गुरुवार देर शाम नोएडा के थाना सेक्टर 39 में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इससे पूर्व प्रतिबंध के बावजूद बुधवार रात सभा को संबोधित करने के मामले में लखनऊ पुलिस ने सांसद योगी आदित्यनाथ, लखनऊ विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष टंडन, सांसद जगदंबिका पाल, पूर्व सांसद लालजी टंडन व कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। साक्ष्य के तौर पर पुलिस ने वीडियोग्राफी फुटेज का उल्लेख किया है। इस फुटेज की सीडी चुनाव आयोग के पास भेजी गई है।
चुनाव आयोग ने जिस मामले का संज्ञान लिया है उसमें योगी आदित्यनाथ पर नोएडा के एक चुनावी सभा में धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला भाषण देने का आरोप है। आयोग ने कहा कि उनका भाषण विभिन्न सामाजिक वर्गो के बीच वैमनस्य और घृणा करने तथा धार्मिक भावनाओं को उकसा कर अपनी पार्टी के लिए वोट प्राप्त करने वाला था। आयोग ने भाजपा सांसद को इस मामले में दोषी मानते हुए भविष्य में चुनावी सभा में भाषण देते वक्त सावधानी बरतने का निर्देश दिया। आचार संहिता उल्लंघन के इस मामले में सांसद आदित्यनाथ ने अपने वकील के जरिये आयोग में अपना जवाब दाखिल किया था। चुनाव आयोग ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और सांसद को अपना जवाब सीधे उन्हें देना चाहिए था।
नोएडा में भाषण के इन बिंदुओं पर आपत्ति
1 - मुरादाबाद में एक घटना घटित होती है। वहां पर चार धर्मस्थल एक ही गांव में हैं। एक मंदिर है। तीन मस्जिद हैं। मंदिर का माइक उतार दिया जाता है, मस्जिदों का नहीं। कुछ नौजवान कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, तो उनको जेल में बंद कर दिया गया। हम अत्याचार नहीं सहेंगे।
2- पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ। दंगे के साथ निर्दोष ¨हदुओं को छेड़ने की कीमत चुकानी पड़ती है।
3- हमारी पहचान राम से है। हमारी पहचान कृष्ण से है। हमारी पहचान शंकर से है। भारत तब तक भारत रहेगा, जब तक भारत में राम, कृष्ण और शंकर में यहां की जनता की आस्था बनी रहेगी। राम भारत की आस्था के प्रतीक है। राम के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।
4- राम भारत की आस्था हैं। भारतीय राष्ट्रीयता के प्रतीक हैं। आप सबसे कहना चाहूंगा। राम की परंपरा में जो लोग विश्वास करते हैं। राम राज्य की स्थापना चाहते हैं उत्तर प्रदेश में भी, तो 13 सितंबर को पड़ने वाला एक-एक वोट भाजपा के पक्ष में जाना चाहिए।
