यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली गैंगरेप: 'गवाह ने पुलिस के कहने पर लिया आरोपी का नाम'
दिल्ली गैंगरेप मामले में आरोपी पवन गुप्ता ने साकेत कोर्ट के समक्ष अंतिम दलील देते हुए कहा कि मामले के ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली गैंगरेप मामले में आरोपी पवन गुप्ता ने साकेत कोर्ट के समक्ष अंतिम दलील देते हुए कहा कि मामले के शिकायत दर्ज कराने वाले पीड़िता के दोस्त ने उसका नाम पुलिसकर्मियों के कहने पर लिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष पवन के अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता के दोस्त ने अदालत में पहली दफा गवाही में सभी आरोपियों के नाम और उनके द्वारा किए गए हमले को इस तरह से बयान किया कि वह पूरी तरह से पुलिस डायरी से मेल खा रहा था। जबकि ऐसा करना किसी भी गवाह के लिए संभव नहीं है।
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पीड़िता के दोस्त ने रटा-रटाया बयान दिया। इससे पता चलता है कि पुलिसकर्मियों की साजिश में शामिल होते हुए उसने पुलिस से आरोपियों के बारे में मिली जानकारी के बाद झूठा बयान दिया है। बचाव पक्ष ने पीड़िता के दोस्त के बयानों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उस गवाह के बयान को कई बार में पूरा किया गया ताकि वह पुलिस द्वारा बनाई गई कहानी को रट कर सिलसिलेवार ढंग से अदालत के समक्ष बयान कर सके।
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अदालत को मामले में मृतका द्वारा मृत्यु पूर्व दिए गए बयानों को सावधानी से देखना होगा, जोकि उसका असली बयान है। पीड़िता व उसके दोस्त के बयान आपस में विरोधाभासी हैं। ज्ञात हो कि 16 दिसंबर, 2012 को वसंत विहार इलाके में चलती बस में फिजियोथेरेपिस्ट छात्र से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। पीड़िता की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बस चालक राम सिंह, उसके भाई मुकेश, विनय शर्मा, पवन गुप्ता, अक्षय ठाकुर व एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था।
राम सिंह की तिहाड़ जेल में मौत हो चुकी है। मामले में नाबालिग को बाल न्यायालय से तीन साल कैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
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