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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्कूलों के जरिए भारत में घुसा आतंकी संगठन 'फेटो', तुर्की ने किया आगाह

By anand rajEdited By:
Published: Sun, 21 Aug 2016 05:51 PM (IST)Updated: Sun, 21 Aug 2016 06:54 PM (IST)

तुर्की में तख्तापलट की नाकाम कोशिश करने वाले मास्टरमाइंड की संस्था 'फेटा' ने स्कूलों और संगठनों के जरिए भारत में घुसपैठ की है।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट करने की नाकाम कोशिश करने वाले मास्टरमाइंड और मुस्लिम धर्म प्रचारक फेतुल्ला गुलेन ने अब भारत की ओर रूख किया है। तुर्की के विदेश मंत्री मौलूद काउसोगलू ने कहा है कि 'फतहुल्ला टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन' (FETO) ने भारत में 'घुसपैठ' कर ली है। पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के लिए वहां की सरकार ने फेटो को जिम्मेदार ठहराया है।

कावुसोगलू ने इस बात पर जोर दिया कि फेटो 'गोपनीय अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क' है जो पूरी दुनिया में मौजूद है। उन्होंने बताया भारत में यह घुसपैठ स्कूलों और संगठनों के माध्यम से हुई है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि फेटो ने संगठनों और स्कूलों के माध्यम से भारत में घुसपैठ कर ली है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बातचीत करने के बाद काउसोगलू ने कहा कि मैंने पहले इस मुद्दे को अपनी भारतीय समकक्ष के साथ उठाया है। उन्होंने कहा कि उन सभी देशों में जहां फेटो की मौजूदगी है उनसे हम कहते हैं कि वे अपने क्षेत्र से इनको हटाने के लिए तत्काल कदम उठाएं।

तुर्की के विदेश मंत्री के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि भारत तुर्की की चिंताओं को लेकर गंभीर है और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां 'फेटो' से जुड़े उन संगठनों को बंद करने की अंकारा की मांग पर विचार कर रही है जो गैरकानूनी गतिविधियां चला रहे हैं।

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भारत और तुर्की के लिए सभी तरह के आतंकवाद से खतरा होने पर जोर देते हुए तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा कि इन खतरों को लेकर सूचना के आदान-प्रदान और आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग और एकजुटता महत्वपूर्ण है। इसी पर तुर्की और भारत दोनों ध्यान दे रहे हैं।

पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट के विफल प्रयास का उल्लेख करते हुए काउसोगलू ने कहा कि तुर्की सेना के भीतर एक धड़ा 'फेटो' की अगुवाई में 15 जुलाई को तख्तापलट करने की कोशिश की ताकि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका जा सके।

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काउसोगलू ने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को मेरी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज की ओर से जो त्वरित समर्थन मिला हम उसकी सराहना करते हैं।

बता दें कि तुर्की में तख्तापलट के नाकाम प्रयास में 240 से अधिक लोग मारे गए थे और 1,500 से अधिक घायल हो गए थे।

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